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Rewari News: मलेरिया से बचाव के लिए चलाया जाएगा छाता अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 31 May 2026 11:34 PM IST
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रेवाड़ी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहली जून से मलेरिया रोधी माह मनाया जाएगा। मलेरिया से बचाव के लिए इस बार छाता अभियान चलेगा। बारिश और छाता को प्रतीक बनाकर लोगों तक मलेरिया से बचाव का संदेश पहुंचाया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार बारिश के दौरान जगह-जगह जलभराव होने से मच्छरों का प्रजनन तेजी से बढ़ता है। ऐसे में मलेरिया के मामलों में वृद्धि की आशंका रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मलेरिया के खिलाफ अपना छाता खोलो थीम पर अभियान चलाया जाएगा।
अभियान के तहत स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता रैलियां निकाली जाएंगी। छात्र हाथों में संदेश लिखे छाते लेकर लोगों को मलेरिया से बचाव के उपाय बताएंगे। नुक्कड़ नाटक और जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से वितरित किए जाने वाले छातों पर सप्ताह में एक बार कूलर खाली करें, बुखार होने पर 24 घंटे के भीतर जांच कराने, मच्छरदानी का प्रयोग करने और घर के आसपास पानी जमा न होने दें जैसे संदेश अंकित किए जाएंगे।
इसके अलावा बाजारों, बस स्टैंडों और सार्वजनिक स्थलों पर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। यहां बुखार की जांच, मलेरिया परीक्षण तथा मच्छर नियंत्रण संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
मलेरिया मुख्य रूप से एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, ठंड लगना, पसीना आना, सिरदर्द और शरीर में दर्द शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए। सरकारी अस्पतालों में मलेरिया की जांच और उपचार निशुल्क उपलब्ध है।
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प्रमुख बचाव उपाय
कूलर, गमले और पानी के बर्तनों को सप्ताह में एक बार खाली कर साफ करें, पानी की टंकियों को ढककर रखें, शाम के समय पूरे बाजू के कपड़े पहनें, मच्छरदानी और मच्छररोधी क्रीम का उपयोग करें, घर और आसपास पानी जमा न होने दें, बुखार आने पर 24 घंटे के भीतर जांच कराएं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार बारिश के दौरान जगह-जगह जलभराव होने से मच्छरों का प्रजनन तेजी से बढ़ता है। ऐसे में मलेरिया के मामलों में वृद्धि की आशंका रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मलेरिया के खिलाफ अपना छाता खोलो थीम पर अभियान चलाया जाएगा।
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अभियान के तहत स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता रैलियां निकाली जाएंगी। छात्र हाथों में संदेश लिखे छाते लेकर लोगों को मलेरिया से बचाव के उपाय बताएंगे। नुक्कड़ नाटक और जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से वितरित किए जाने वाले छातों पर सप्ताह में एक बार कूलर खाली करें, बुखार होने पर 24 घंटे के भीतर जांच कराने, मच्छरदानी का प्रयोग करने और घर के आसपास पानी जमा न होने दें जैसे संदेश अंकित किए जाएंगे।
इसके अलावा बाजारों, बस स्टैंडों और सार्वजनिक स्थलों पर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। यहां बुखार की जांच, मलेरिया परीक्षण तथा मच्छर नियंत्रण संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
मलेरिया मुख्य रूप से एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, ठंड लगना, पसीना आना, सिरदर्द और शरीर में दर्द शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए। सरकारी अस्पतालों में मलेरिया की जांच और उपचार निशुल्क उपलब्ध है।
प्रमुख बचाव उपाय
कूलर, गमले और पानी के बर्तनों को सप्ताह में एक बार खाली कर साफ करें, पानी की टंकियों को ढककर रखें, शाम के समय पूरे बाजू के कपड़े पहनें, मच्छरदानी और मच्छररोधी क्रीम का उपयोग करें, घर और आसपास पानी जमा न होने दें, बुखार आने पर 24 घंटे के भीतर जांच कराएं।