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Rohtak News: दिल्ली से आया एनजीओ, पीड़ित महिलाओं से लिया घटनाक्रम का ब्योरा
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30-एमडीयू स्थित कैंटीन में पीड़ित महिलाओं से पूछताछ करतीं एनजीओ सफाई कर्मचारी आंदोलन की प्रदेश
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रोहतक। एमडीयू के अंत:वस्त्र जांच मामले को लेकर मंगलवार को दिल्ली की एनजीओ सफाई कर्मचारी आंदोलन की प्रदेश को-ऑर्डिनेटर डाॅ. रेणु छाछर और डाॅ. लवजेंद्र कौर रोहतक पहुंचीं और पीड़ित महिलाओं से पूरे घटनाक्रम का ब्योरा लिया। भरोसा दिया कि पूरे मामले को केंद्र सरकार के सामने उठाया जाएगा। आरोपियों को क्लीनचिट देना उचित नहीं है। पुलिस को गहन जांच पड़ताल करनी चाहिए।
एमडीयू में प्रदेश के राज्यपाल प्रो. असीम घोष 25 से 27 अक्तूबर 2025 तक आए हुए थे। कैंपस में 26 अक्तूबर को सफाई कर रहीं महिला कर्मियों को तेजी से काम करने के लिए कहा था। इस पर महिलाओं ने मासिक धर्म का हवाला देकर कुछ रियायत देने की अपील की थी।
आरोप था कि सुपरवाइजर ने इस पर नाराज होकर महिलाओं की जांच के आदेश दिए थे। एक महिला कर्मचारी ने अंत:वस्त्र जांचे। उनके पैड की फोटो तक ली गई थी। इसके चलते मामला भड़क गया था। पुलिस ने विवि के सहायक सचिव श्याम सुंदर, एचकेआरएन के तहत अनुबंधित कर्मचारी वितेंद्र व विनोद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
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डीएसपी जांच में तीनों को क्लीनचिट दे दी गई थी। ऐसे में श्याम सुंदर को बहाल कर दिया गया था। पीड़ित पक्ष ने मामले की आईजी व एसपी को शिकायत की थी। एसपी ने पूरे मामले की जांच नए सिरे से एएसपी को सौंपी हुई है।
एनजीओ ने छात्र नेता दिनेश कांगड़ा, नगर पालिका सफाई कर्मचारी संघ के पूर्व प्रधान संजय बिड़लान, एकलव्य छात्र संगठन के अध्यक्ष दीपक बोहर, वाल्मीकि छात्र संगठन के अध्यक्ष रोहित टाकिया, स्टेट कन्वीनर राजकुमार बोहत से भी बात की। दिनेश कांगड़ा का कहना है कि एनजीओ को पूरे सबूत सौंप दिए हैं।
एमडीयू में प्रदेश के राज्यपाल प्रो. असीम घोष 25 से 27 अक्तूबर 2025 तक आए हुए थे। कैंपस में 26 अक्तूबर को सफाई कर रहीं महिला कर्मियों को तेजी से काम करने के लिए कहा था। इस पर महिलाओं ने मासिक धर्म का हवाला देकर कुछ रियायत देने की अपील की थी।
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आरोप था कि सुपरवाइजर ने इस पर नाराज होकर महिलाओं की जांच के आदेश दिए थे। एक महिला कर्मचारी ने अंत:वस्त्र जांचे। उनके पैड की फोटो तक ली गई थी। इसके चलते मामला भड़क गया था। पुलिस ने विवि के सहायक सचिव श्याम सुंदर, एचकेआरएन के तहत अनुबंधित कर्मचारी वितेंद्र व विनोद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
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एनजीओ ने छात्र नेता दिनेश कांगड़ा, नगर पालिका सफाई कर्मचारी संघ के पूर्व प्रधान संजय बिड़लान, एकलव्य छात्र संगठन के अध्यक्ष दीपक बोहर, वाल्मीकि छात्र संगठन के अध्यक्ष रोहित टाकिया, स्टेट कन्वीनर राजकुमार बोहत से भी बात की। दिनेश कांगड़ा का कहना है कि एनजीओ को पूरे सबूत सौंप दिए हैं।