भंवर में फंसकर ढाई मिनट तक जिंदगी से जूझता रहा गोताखोर सुरेंद्र

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 21 Sep 2021 01:41 AM IST
वायरल वीडियो में भंवर से निकलने का प्रयास करता गोताखोर सुरेंद्र सिंह।  संवाद
वायरल वीडियो में भंवर से निकलने का प्रयास करता गोताखोर सुरेंद्र सिंह। संवाद - फोटो : Yamuna Nagar
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। मामा की अस्थियां विसर्जित करते वक्त हमीदा हेड पर पश्चिमी यमुना नहर में डूबे युवक सतेंद्र की तलाश करते हुए नाव पलटने से डूबे गोताखोर सुरेंद्र सिंह करीब ढाई मिनट तक भंवर में जिंदगी से जूझता रहा। सोशल मीडिया पर वायरल हुए 2.50 मिनट के वीडियो में गोताखोर सुरेंद्र सिंह भंवर में फंसा हुआ नजर आ रहा है, जिसमें वह खुद को बचाने के लिए हाथ पांव मारता नजर आ रहा है।
सुरेंद्र सिंह के पास न तो लाइफ जैकेट थी और न ही ऑक्सीजन किट, जिससे वह खुद को पानी में बचा पाता। ढाई मिनट तक खुद को बचाने के प्रयास के बाद वह पानी में समा गया। इसके बाद उसका अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया। सोमवार को नहर में डूबे तीनों लोगों में से गांधी नगर निवासी विक्की का शव बरामद कर लिया गया। सुरेंद्र व अस्थियां विसर्जित करते हुए डूबे सतेंद्र सिंह उर्फ टीनू की देर शाम तक पश्चिमी यमुना नहर में तलाश जारी थी। देर शाम तक उनका कोई सुराग नहीं लग पाया था।

वायरल वीडियो में पलटी हुई नाव उल्टी होकर किनारे तक आती है। दो व्यक्ति उसे पकड़ कर आते हैं। दो व्यक्ति तैरते हुए किनारे आते हैं। गोताखोर सुरेंद्र व विक्की भंवर में फंसे नजर आए हैं। तीन बार सुरेंद्र भंवर से निकलता है। पानी का बहाव फिर उसे वापस भंवर में ले जाता है। करीब ढाई मिनट तक सुरेंद्र पानी के भंवर से निकलने का प्रयास करता है। इसके बाद वह देखते ही देखते पानी में समा जाता है। उधर, वीडियो बनाने वाले केवल रस्सी लेकर आने की बात कहते रहे, उसे बचाने का प्रयास कोई नहीं करता है।
लंबे समय से कर रहे हैं किट की मांग
गोताखोर सुरेंद्र सिंह के डूबने के बाद उसके साथियों का दर्द झलक आया। गोताखोर अमर सिंह का कहना है कि वे हर साल नहर में डूबे सैकड़ों लोगों को बाहर निकालते हैं। काफी लोगों की जान भी बचा चुके हैं। वह खुद की जान जोखिम में डालकर नहर में डुबकी लगाते हैं, उनके पास खुद की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। ऑक्सीजन किट, डाइविंग सेट व ब्रीदिंग एयर कंप्रेसर किट की कई बार प्रशासन से मांग की। प्रशासन ने कोई इंतजाम नहीं किए। निगम की ओर से करीब तीन माह पहले डाइविंग सेट व ब्रीदिंग एयर कंप्रेसर किट खरीदने के लिए 7.80 लाख रुपये का टेंडर लगाया था। अभी तक उन्हें कोई किट नहीं दी गई।
चार लोग बचकर आ गए थे बाहर
उल्लेखनीय है कि रविवार सुबह गांधीनगर निवासी सतेंद्र सिंह उर्फ टीनू अपने मामा की अस्थियां विसर्जन करने के लिए पश्चिमी यमुना नहर के हमीदा हेड पर गया था। वह नहर के किनारे खड़ा होकर अस्थियां विसर्जन करने लगा। इस दौरान उसका पांव फिसल गया और वह पानी के तेज बहाव में बह गया। शोर सुनकर गणपति की प्रतिमाओं का विसर्जन के लिए तैनात किए गए गोताखोर व अन्य कर्मचारी नाव में सवार होकर उसे बचाने नहर में उतर गए। पानी का बहाव इतना तेज था कि उनकी नाव अनियंत्रित होकर पलट गई। नाव में चालक एवं गोताखोर सुरेंद्र सिंह, पटवारी धर्मेंद्र, कैंप निवासी विक्की, टोनी, अनिल व होमगार्ड का एक जवान सवार था। नहर किनारे खड़े कुछ स्थानीय गोताखोरों व अन्य लोगों ने पटवारी धर्मेंद्र, टोनी, अनिल व होमगार्ड के जवान को बचा लिया। नाव चालक सुरेंद्र सिंह व पहले डूबे युवक सतेंद्र सिंह का पड़ोसी विक्की पानी के तेज बहाव में बह गए थे।
नहर में डूबे सुरेंद्र का फाइल फोटो।
नहर में डूबे सुरेंद्र का फाइल फोटो। - फोटो : Yamuna Nagar

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