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Yamuna Nagar News: पुरुषों से ज्यादा महिलाएं मधुमेह की शिकार
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 27 May 2026 01:36 AM IST
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जिला नागरिक अस्पताल यमुनानगर। आर्काइव
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में मधुमेह के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 25 हजार 884 लोग मधुमेह से पीड़ित हैं। जिले में 14 हजार 975 महिलाएं और 10 हजार 909 पुरुष मधुमेह की बीमारी से जूझ रहे हैं। चिकित्सकों का मानना है कि बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधियों में कमी इसके प्रमुख कारण हैं।
शहरों में मधुमेह का असर अधिक देखने को मिल रहा है। शहरी क्षेत्र में सबसे ज्यादा 2709 मरीज दर्ज किए गए हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में रादौर क्षेत्र की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक बनी हुई है, जहां 1947 लोग मधुमेह से पीड़ित हैं। इसके अलावा सरस्वतीनगर क्षेत्र में 1689 और नाहरपुर क्षेत्र में 1137 मरीज सामने आए हैं।
मधुमेह अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि युवाओं और महिलाओं में भी तेजी से बढ़ रही है। महिलाओं में हार्मोनल बदलाव, तनाव, घरेलू जिम्मेदारियां और स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही बीमारी बढ़ने का बड़ा कारण माने जा रहे हैं। कई महिलाएं शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देती हैं, जिससे बीमारी गंभीर रूप ले लेती है।
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स्वास्थ्य विभाग में एनसीडी के नोडल अधिकारी डॉ. कपिल कांबोज का कहना है कि फास्ट फूड, मीठे पेय पदार्थ, तली-भुनी चीजों का अधिक सेवन और व्यायाम की कमी मधुमेह को बढ़ावा दे रही है। देर रात तक जागना, तनाव और मोबाइल-टीवी पर अधिक समय बिताने से भी लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
विशेषज्ञों ने लोगों को संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। साथ ही सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच व उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
चिकित्सकों का कहना है कि महिलाओं में शारीरिक गतिविधियां कम होना, मोटापा, गर्भावस्था के दौरान शुगर की समस्या और खानपान में अनियमितता मधुमेह बढ़ने के प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा कई महिलाएं नियमित स्वास्थ्य जांच नहीं करातीं, जिससे बीमारी समय पर पकड़ में नहीं आती।
किस सीएचसी क्षेत्र में कितने मरीज
सीएचसी
मरीज
व्यासपुर 816
छछरौली
806
प्रतापनगर
942
नाहरपुर
1137
रादौर
1947
साढौरा 813
सरस्वतीनगर 689
शहरी
2709
यमुनानगर। जिले में मधुमेह के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 25 हजार 884 लोग मधुमेह से पीड़ित हैं। जिले में 14 हजार 975 महिलाएं और 10 हजार 909 पुरुष मधुमेह की बीमारी से जूझ रहे हैं। चिकित्सकों का मानना है कि बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधियों में कमी इसके प्रमुख कारण हैं।
शहरों में मधुमेह का असर अधिक देखने को मिल रहा है। शहरी क्षेत्र में सबसे ज्यादा 2709 मरीज दर्ज किए गए हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में रादौर क्षेत्र की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक बनी हुई है, जहां 1947 लोग मधुमेह से पीड़ित हैं। इसके अलावा सरस्वतीनगर क्षेत्र में 1689 और नाहरपुर क्षेत्र में 1137 मरीज सामने आए हैं।
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मधुमेह अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि युवाओं और महिलाओं में भी तेजी से बढ़ रही है। महिलाओं में हार्मोनल बदलाव, तनाव, घरेलू जिम्मेदारियां और स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही बीमारी बढ़ने का बड़ा कारण माने जा रहे हैं। कई महिलाएं शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देती हैं, जिससे बीमारी गंभीर रूप ले लेती है।
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स्वास्थ्य विभाग में एनसीडी के नोडल अधिकारी डॉ. कपिल कांबोज का कहना है कि फास्ट फूड, मीठे पेय पदार्थ, तली-भुनी चीजों का अधिक सेवन और व्यायाम की कमी मधुमेह को बढ़ावा दे रही है। देर रात तक जागना, तनाव और मोबाइल-टीवी पर अधिक समय बिताने से भी लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
विशेषज्ञों ने लोगों को संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। साथ ही सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच व उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
चिकित्सकों का कहना है कि महिलाओं में शारीरिक गतिविधियां कम होना, मोटापा, गर्भावस्था के दौरान शुगर की समस्या और खानपान में अनियमितता मधुमेह बढ़ने के प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा कई महिलाएं नियमित स्वास्थ्य जांच नहीं करातीं, जिससे बीमारी समय पर पकड़ में नहीं आती।
किस सीएचसी क्षेत्र में कितने मरीज
सीएचसी
मरीज
व्यासपुर 816
छछरौली
806
प्रतापनगर
942
नाहरपुर
1137
रादौर
1947
साढौरा 813
सरस्वतीनगर 689
शहरी
2709