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Mandi News: कोटली कॉलेज बंद करने के फैसले के विरोध में सड़क पर उतरे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Tue, 09 Jun 2026 11:35 AM IST
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कोटली (मंडी)। कोटली कॉलेज को बंद करने संबंधी अधिसूचना के विरोध में सोमवार को पूर्व सैनिक लीग, छात्र-छात्राओं और विभिन्न पंचायतों से आई महिलाओं सहित सैकड़ों लोगों ने कोटली में रैली निकालकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम के माध्यम से प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए अधिसूचना वापस लेने और कॉलेज को सुचारु रूप से जारी रखने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि महाविद्यालय कोटली क्षेत्र की महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्था है। इसके बंद होने से विशेषकर गरीब परिवारों की बेटियां उच्च शिक्षा से वंचित हो जाएंगी, क्योंकि सभी छात्राओं के लिए बड़े शहरों के कॉलेजों तक पहुंचना संभव नहीं है।
चलहर निवासी परमदेव शास्त्री ने कहा कि वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कोटली में कॉलेज की घोषणा की थी, लेकिन 10 वर्ष बाद भी संस्थान को अपना भवन नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि कॉलेज में आवश्यक विषयों की कमी और भवन निर्माण कार्य पूरा न होने से विद्यार्थियों की संख्या प्रभावित हुई है।
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कसान गांव के हरि सिंह ठाकुर ने कहा कि कॉलेज में आर्ट्स संकाय के कई महत्वपूर्ण विषय उपलब्ध नहीं हैं। उनका कहना है कि यदि विद्यार्थियों को पर्याप्त विषय और सुविधाएं मिलतीं तो अधिक संख्या में छात्र यहां प्रवेश लेते।
समाजसेवी भास्कर ठाकुर ने कहा कि कॉलेज की घोषणा से क्षेत्र के लोगों को बड़ी उम्मीदें थीं लेकिन भवन और सुविधाएं उपलब्ध कराए बिना इसे बंद करने की अधिसूचना जारी कर दी गई। इससे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा प्रभावित होगी।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि महाविद्यालय कोटली क्षेत्र की महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्था है। इसके बंद होने से विशेषकर गरीब परिवारों की बेटियां उच्च शिक्षा से वंचित हो जाएंगी, क्योंकि सभी छात्राओं के लिए बड़े शहरों के कॉलेजों तक पहुंचना संभव नहीं है।
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चलहर निवासी परमदेव शास्त्री ने कहा कि वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कोटली में कॉलेज की घोषणा की थी, लेकिन 10 वर्ष बाद भी संस्थान को अपना भवन नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि कॉलेज में आवश्यक विषयों की कमी और भवन निर्माण कार्य पूरा न होने से विद्यार्थियों की संख्या प्रभावित हुई है।
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समाजसेवी भास्कर ठाकुर ने कहा कि कॉलेज की घोषणा से क्षेत्र के लोगों को बड़ी उम्मीदें थीं लेकिन भवन और सुविधाएं उपलब्ध कराए बिना इसे बंद करने की अधिसूचना जारी कर दी गई। इससे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा प्रभावित होगी।