लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

विज्ञापन
Hindi News ›   India News ›   Aadhaar: Election Commission told voter officials, strict action will be taken if Aadhaar data is leaked

Aadhaar: अधिकारियों से बोला चुनाव आयोग, आधार डाटा लीक हुआ तो होगी कड़ी कार्रवाई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 05 Jul 2022 08:43 PM IST
सार

पत्र में कहा गया है कि आधार संख्या प्रस्तुत करना विशुद्ध रूप से स्वैच्छिक है। चुनाव पंजीकरण अधिकारी मतदाताओं को यह स्पष्ट कर देगा कि आधार संख्या प्राप्त करने का उद्देश्य मतदाता सूची में उनकी प्रविष्टियों के प्रमाणीकरण और बेहतर विस्तार के लिए है।

आधार कार्ड
आधार कार्ड - फोटो : Amar Ujala
ख़बर सुनें

विस्तार

चुनाव आयोग ने आधार डाटा लीक होने पर मतदाता पंजीकरण अधिकारियों के खिलाफ गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है। आयोग ने इस बात पर भी जोर दिया है कि मतदाताओं द्वारा आधार जमा करना 'स्वैच्छिक' है। बता दें कि हाल ही में केंद्र सरकार ने मतदाता सूची के साथ आधार विवरण को जोड़ने की अनुमति देने के लिए मतदाता पंजीकरण नियमों में संशोधन किया था। 


दरअसल सोमवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य चुनाव अधिकारियों को चुनाव आयोग ने एक पत्र भेजा। इस पत्र में कहा गया कि विशेष सारांश संशोधन के दौरान विशेष अभियान तिथियों के साथ मेल खाने वाली तिथियों पर क्लस्टर स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जा सकते हैं। जहां मतदाताओं को राजी किया जा सकता है। हार्ड कॉपी में फार्म-6 बी में स्वेच्छा से अपना आधार नंबर दें। 


फार्म-6 का इस्तेमाल कर अपना आधार नंबर साझा कर सकता है मतदाता
कानून मंत्रालय की एक अधिसूचना के मुताबिक हाल ही में पेश किए गए फार्म-6 बी का उपयोग करके मौजूदा मतदाता अपना आधार नंबर साझा कर सकते हैं। इसमें कहा गया है कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 (43) की धारा 23 की उपधारा (5) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार 1 अप्रैल 2023 को उस तारीख के रूप में अधिसूचित करती है जिस दिन या उससे पहले प्रत्येक व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल है। वह उक्त धारा के अनुसार अपना आधार नंबर सूचित कर सकता है। 

मामले में एक वरिष्ठ अधिकारी ने हाल ही में बताया था कि 'अधिसूचना में हो सकता है' का इस्तेमाल किया गया है, न कि 'होगा' जो विवरण साझा करे को स्वैच्छिक बनाता है। 

आधार संख्या प्रस्तुत करना स्वैच्छिक है, अनिवार्य नहीं
पत्र में कहा गया है कि आधार संख्या प्रस्तुत करना विशुद्ध रूप से स्वैच्छिक है। चुनाव पंजीकरण अधिकारी मतदाताओं को यह स्पष्ट कर देगा कि आधार संख्या प्राप्त करने का उद्देश्य मतदाता सूची में उनकी प्रविष्टियों के प्रमाणीकरण और बेहतर विस्तार के लिए है। भविष्य में उन्हें चुनावी सेवाएं..इस बात पर जोर दिया जाता है कि मतदाताओं द्वारा आदार जमा करना स्वैच्छिक है। 

पत्र में दोहराया गया है कि चुनाव कानून (संशोधन) अधिनियम 2021 में उल्लेख किया गया था कि ईआरओ किसी भी मौजूदा मतदाता की आधार संख्या प्रस्तुत करने में असमर्थता के आधार पर मतदाता सूची में किसी भी प्रविष्टि को नहीं हटाएगा। 

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00