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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ajay Mishra teni Commented on Rakesh Tikait, called him 'Do Kaudi Ka Aadmi'

Ajay Mishra Teni: क्यों आता है गृह राज्य मंत्री टेनी को गुस्सा? तिकुनिया कांड से पहले भी गुस्साए थे मंत्री

Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Tue, 23 Aug 2022 05:54 PM IST
सार

Ajay Mishra Teni on Rakesh Tikait: लखीमपुर की राजनीति को करीब से समझने वाले लोगों का कहना है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के इस बयान के बाद ही किसानों का गुस्सा चरम पर पहुंचा था और विरोध शुरू हुआ था। हालांकि उसके बाद ही किसानों ने 29 सितंबर को लखीमपुर के खैरटिया गांव में प्रतिज्ञा समारोह एलान किया कि वह शांतिपूर्वक ढंग से अपना विरोध जताते रहेंगे...

Ajay Mishra Teni
Ajay Mishra Teni - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी अकसर गुस्से में आ जाते हैं। इस बार उन्होंने गुस्से में आकर किसान नेता राकेश टिकैत को दो कौड़ी का आदमी कह दिया। पूरे देश में अजय मिश्रा टेनी को जिस एक खास घटना की वजह से जाना और पहचाना जाता है, उसके पीछे भी लोग उनके गुस्से को ही बड़ा कारण मानते हैं। चाहे पत्रकार के साथ लखीमपुर में खुलेआम धमकाने का वीडियो वायरल हुआ हो या फिर तिकुनिया कांड से पहले लखीमपुर के संपूर्णानगर में काले झंडे दिखाने पर लोगों को अपने बारे में धमकी भरे अंदाज में बताने का तरीका रहा हो। सभी मामलों में अजय मिश्र टेनी न सिर्फ विवादों में आए, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी इसका बड़ा रिएक्शन भी दिखा।



केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के संसदीय क्षेत्र लखीमपुर के एक वरिष्ठ पत्रकार बताते हैं कि अजय मिश्र टेनी का मिजाज कई बार इतना सख्त हो जाता है कि वह टिप्पणी बदमिजाजी के दायरे में आ जाती है। उक्त वरिष्ठ पत्रकार का कहना है कि लखीमपुर खीरी के अपने संसदीय कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने जिस तरीके से राकेश टिकैत और पत्रकारों को अनाप-शनाप कहा वह उनकी नाराजगी का ही हिस्सा है। उक्त वरिष्ठ पत्रकार कहते हैं कि तिकुनिया में हुए घटनाक्रम से कुछ दिन पहले स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी की मंच से दी गई धमकी का किसानों ने विरोध शुरू कर दिया था। दरअसल टेनी ने काले झंडे दिखाने वाले किसानों को चेतावनी देते हुए कहा था कि मैं केवल मंत्री सांसद या विधायक नहीं हूं। उन्होंने कहा कि जो मेरे सांसद और विधायक बनने से पहले मेरे बारे में जानते होंगे उनको यह भी मालूम होगा कि मैं किसी चुनौती से भागता नहीं हूं। मंच से अजय मिश्र टेनी ने कहा था कि जिस दिन मैंने उस चुनौती को स्वीकार करके काम कर लिया उस दिन पलिया नहीं लखीमपुर तक छोड़ना पड़ जाएगा, याद रखना।


लखीमपुर की राजनीति को करीब से समझने वाले लोगों का कहना है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के इस बयान के बाद ही किसानों का गुस्सा चरम पर पहुंचा था और विरोध शुरू हुआ था। हालांकि उसके बाद ही किसानों ने 29 सितंबर को लखीमपुर के खैरटिया गांव में प्रतिज्ञा समारोह एलान किया कि वह शांतिपूर्वक ढंग से अपना विरोध जताते रहेंगे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद तीन अक्तूबर को लखीमपुर के तिकुनिया में हिंसा और आगजनी से 8 लोगों की मौत हो जाती है।

पत्रकार को दी थी फोन को बंद करने की धमकी

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को काले झंडे दिखाने पर ही सिर्फ गुस्सा नहीं आया बल्कि पत्रकार के पूछे गए सवाल पर भी भरी सभा में भी टेनी भड़क उठे थे। दरअसल लखीमपुर के कार्यक्रम में पत्रकार ने अजय मिश्र टेनी से आरोपों से घिरे उनके बेटे आशीष मिश्र की चार्जशीट के बारे में सवाल कर दिया था। उस दौरान भी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री टेनी ने पत्रकार को न सिर्फ अनाप-शनाप कहा बल्कि धक्का देकर फोन को बंद करने की धमकी भी दी। अजय मिश्र टेनी के इस पत्रकार को धमकी देने वाले वायरल वीडियो के बाद पूरे देश भर में पत्रकारों ने तो नाराज़गी जताई ही थी बल्कि चर्चा यह भी थी कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने अपने मंत्री के इस व्यवहार पर नाराजगी जताई है। भाजपा से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों का कहना है कि उनका कोई भी कार्यकर्ता किसी भी तरीके से किसी भी व्यक्ति का अपमान तो कर ही नहीं सकता। उक्त वरिष्ठ भाजपा नेता का कहना है कि अगर सरकार का मंत्री इस तरीके की भाषा और इस तरीके का व्यवहार करता है तो निश्चित तौर पर यह तरीका गलत है।

राकेश टिकैत को दो कौड़ी का आदमी बताया

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के यह दो मामले अभी तक चर्चा में बने ही थे कि रविवार को उनका एक और वीडियो वायरल हो गया। इस वीडियो में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी एक बार फिर गुस्से में दिखे। गुस्से में अजय मिश्रा टेनी ने राकेश टिकैत को दो कौड़ी का आदमी बता दिया। यही नहीं अपने इसी भाषण के दौरान उन्होंने अपनी राह चलती गाड़ी और उसके पीछे भौंकने वाले कुत्तों का उदाहरण देकर नाराजगी जाहिर की। इसी के साथ केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने अपने संसदीय कार्यालय में पत्रकारों को भी निशाने पर लिया।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बार-बार गुस्सा होने वाली वायरल वीडियो के मामले पर भाजपा के एक वरिष्ठ नेता कहते हैं कि यह तरीका तो ठीक नहीं है, लेकिन मंत्री ने किन वजहों से ऐसी टिप्पणी की, इसका कारण जाने बगैर कुछ कहना ठीक नहीं है। हालांकि इस पूरे मामले में किसान नेताओं का कहना है कि मंत्री का बयान न सिर्फ आपत्तिजनक है, बल्कि किसानों के विरोध में हैं। किसान नेता सुरजीत सिंह कहते हैं कि टेनी ने किसानों की तुलना कुत्तों से की है। इसका खामियाजा सरकार को बड़े आंदोलन के रूप में भुगतना पड़ेगा।

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