Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ajay Mishra Teni Viral Video: Ajay Mishra Teni is not satisfied with the police action on his son and the SIT investigation report, even Prime Minister Modi has not given a clean chit to this colleague of his cabinet

वीडियो वायरल होने के बाद गरमाई सियासत: आखिर इतना क्यों आपा खो रहे हैं गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी?

Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Wed, 15 Dec 2021 07:52 PM IST

सार

केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी के कामकाज के तौर तरीके को समझने वाले सूत्रों का कहना है कि टेनी के बेटे का मसला गंभीर है। यह किसानों से जुड़ा मुद्दा है। किसानों से जुड़े मामले में प्रधानमंत्री काफी संवेदनशील रहते हैं। इस तरह के मामलों में वह जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेते और न ही किसी को आसानी से माफ करते हैं...
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के साथ अमित शाह।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के साथ अमित शाह। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार

बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियोज में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी ने गृह जनपद में आपा खोते हुए मीडियाकर्मी से न केवल बद्जुबानी की, बल्कि धक्का देकर उस पर हाथ उठाते हुए दौड़े। अपने मंत्रिमंडल के सहयोगी पर टिप्पणी देते हुए केंद्र सरकार के एक मंत्री ने कहा कि इसे अच्छा नहीं कहा जा सकता। इससे अधिक वह कुछ नहीं बोल सकते। दरअसल अजय मिश्र टेनी अपने बेटे पर पुलिस की कार्रवाई और एसआईटी जांच रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हैं। इस मुद्दे पर मिश्र ही नहीं केंद्र सरकार के तमाम मंत्री और भाजपा के नेता सवालों से बचने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि सूत्र बताते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने कैबिनेट के इस सहयोगी को अभी क्लीन चिट नहीं दी है।

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केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी के कामकाज के तौर तरीके को समझने वाले सूत्रों का कहना है कि टेनी के बेटे का मसला गंभीर है। यह किसानों से जुड़ा मुद्दा है। किसानों से जुड़े मामले में प्रधानमंत्री काफी संवेदनशील रहते हैं। इस तरह के मामलों में वह जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेते और न ही किसी को आसानी से माफ करते हैं। उन्हें सही समय का इंतजार रहता है। बताते हैं कि प्रधानमंत्री ऐसे मामलों में विपक्ष को राजनीतिक लाभ लेने का अवसर भी नहीं देते। यही कारण है कि अजय मिश्र टेनी खुद के और बेटे के भविष्य को लेकर काफी उलझन में चल रहे हैं। अभी तक तिकुनिया हिंसा के मामले में गृहमंत्री अमित शाह ने ही अजय मिश्र से बात की है।

राहुल गांधी ने सदन में उठाया मुद्दा

तिकुनिया कांड, लखीमपुर खीरी मामले में एसआईटी की रिपोर्ट आने और इस घटना को सोची-समझी रणनीति के तहत अंजाम देने के आरोप के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सवाल किया है। उन्होंने गृह राज्यमंत्री को मंत्रिमंडल से हटाए जाने की मांग की है। राहुल गांधी ने बुधवार को इस मुद्दे को सदन में उठाया। उन्होंने कार्य स्थगन प्रस्ताव का नोटिस भी दिया। समझा जा रहा है कि गुरुवार को भी विपक्ष इसी मुद्दे को लोकसभा में उठाएगा। शिवसेना सांसद संजय राऊत, बीएसपी के रीतेश पांडे, कुंवर दानिश अली ने भी इस मामले में सरकार को घेरा है। कुंवर दानिश अली ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से गृह राज्यमंत्री को बर्खास्त किए जाने की मांग की है। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने भी गृह राज्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है। इस मुद्दे पर भाजपा और उसके नेता पूरी तरह से बचाव की मुद्रा में हैं।

विपक्ष फैला रहा है झूठ: पीयूष गोयल

मंत्री पीयूष गोयल ने लखीमपुर खीरी की घटना पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। गोयल ने कहा कि इस मामले में विपक्ष लगातार झूठ फैला रहा है। उन्होंने कहा, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जांच चल रही है। इसलिए इस मामले पर संसद के नियमानुसार चर्चा नहीं हो सकती। संसद परिसर में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान पीयूष गोयल ने कहा कि विपक्ष संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के प्रति गंभीर नहीं है। उसके पास सदन में उठाने के लिए ठोस मुद्दे का भी अभाव है।

क्या कहा अजय मिश्र टेनी ने?

अजय मिश्र मंगलवार को संसद भवन में नहीं मिले। अमर उजाला समेत कुछ मीडियाकर्मी उनसे तिकुनिया कांड की एसआईटी रिपोर्ट  पर प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे थे। बुधवार को वह अपने गृह जनपद में थे। लखीमपुर खीरी के ओयल में मदर चाइल्ड केयर के ऑक्सिजन प्लांट का उद्घाटन करने गए थे। उद्घाटन करके लौटते समय जैसे ही उनसे मीडिया कर्मियों ने एसआईटी की जांच रिपोर्ट और मुकदमे की धाराएं बदलने से संबंधित सवाल पूछा, गृह राज्यमंत्री ने अपना आपा खो दिया। उन्होंने न केवल मीडियाकर्मियों को बुरा भला कहा, बल्कि सवाल पूछने वाले पत्रकार की भी काफी खिंचाई की। असंसदीय भाषा का प्रयोग किया। उसे धक्का दिया और बल प्रयोग की स्थिति तक उतर आए। अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने बेटे को निर्दोष बताया और बेटे का बिना नाम लिए कहा कि मीडिया वालों ने एक निर्दोष आदमी को फंसाया है। गृह राज्यमंत्री के इस व्यवहार पर वरिष्ठ पत्रकारों में भी रोष है।

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