बस एक कदम दूर : ऐसे ‘कब्जे’ में आएगा ओमिक्रॉन, सैंपल से जीवित स्वरूप अलग किया, चूहों पर होगा टीके का अध्ययन

परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Wed, 08 Dec 2021 05:15 AM IST

सार

महाराष्ट्र और हैदराबाद के दो मरीजों के सैंपल से वायरस को पृथक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके बाद वैज्ञानिकों ने सीरियाई चूहों के दो समूहों पर अध्ययन की तैयारी की है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

कोरोना वायरस का नया स्वरुप ओमिक्रॉन जल्द भारतीय वैज्ञानिकों के कब्जे में आने वाला है। वैज्ञानिकों ने दो अलग-अलग मरीजों के सैंपल से जीवित वैरिएंट को पृथक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके बाद ही चिकित्सीय अध्ययन शुरू हो सकेगा।
विज्ञापन


महाराष्ट्र और हैदराबाद के दो मरीजों के सैंपल से वायरस को पृथक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके बाद वैज्ञानिकों ने सीरियाई चूहों के दो समूहों पर अध्ययन की तैयारी की है। एक समूह के चूहों को कोवाक्सिन व कोविशील्ड वैक्सीन की खुराक भी दी है। 


अब वैज्ञानिक तीन तरह से ओमिक्रॉन का असर जानना चाहते हैं। पहला ओमिक्रॉन की गंभीरता पता चलेगी। दूसरा यह कि डेल्टा व ओमिक्रॉन के प्रभावों में क्या समानताएं हैं? तीसरी जानकारी मिलेगी कि वैक्सीन की दोनों खुराक लेने वालों में ओमिक्रॉन का क्या प्रभाव हो सकता है?

दो सप्ताह में मिलने लगेंगे आंकड़े
वैज्ञानिक ने बताया कि पिछले साल जयपुर में संक्रमित मिले इटली के नागरिकों से सैंपल लिया और इसी से कोवाक्सिन की खोज हुई थी। अब ओमिक्रॉन को लेकर अध्ययन किया जा रहा है। दो सप्ताह में प्रारंभिक आंकड़ें मिलना शुरू हो जाएंगें और चार सप्ताह में तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी। पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वॉयरोलॉजी की वैज्ञानिक ने बताया कि विदेश यात्रा से मुंबई लौटे पहले संक्रमित मरीज के सैंपल से वायरस पृथक किया जा रहा है। पिछले साल भी इसी तरह वायरस को आइसोलेट किया था।

सीरियाई चूहों पर किया जा रहा अध्ययन
हैदराबाद स्थित सीसीएमबी के एक वैज्ञानिक ने कहा कि आईसीएमआर और एनआईवी के साथ मिलकर अध्ययन किया जा रहा है।  वैक्सीन लेने या फिर संक्रमित होने के बाद शरीर में एंटीबॉडी का स्तर डेल्टा वैरिएंट कम करता है लेकिन ओमिक्रॉन को लेकर  साक्ष्य काफी कम हैं जिसकी पहचान इस अध्ययन में किया जा रहा है।

इस सप्ताह के अंत तक मिल सकती है कामयाबी
नई दिल्ली स्थित भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने भी पुष्टि की है कि वैज्ञानिकों की एक टीम ओमिक्रॉन को पृथक करने में जुटी है। इसी सप्ताह के अंत तक इसमें कामयाबी मिल सकती है। एक वरिष्ठ अधिकारी का यहां तक कहना है कि वायरस पृथक करने में हमारे वैज्ञानिकों के पास अब पर्याप्त अनुभव है जिससे इस बार भी कामयाबी मिलेगी।

24 घंटों में कोरोना के सामने आए 6,822 मामले
देश में ओमिक्रॉन के खतरे के बीच कोरोना के मामले लगातार कम हो रहे हैं। पिछले 24 घंटे में कोरोना के 6,822 मामले सामने आए हैं। कोरोना के दैनिक मामलों में कल के मुकाबले 17.8 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।  पिछले 24 घंटे के दौरान देश में 95,014 सक्रिय मामले रह गए हैं। बीते 24 घंटे के दौरान कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या 10,004 रही। कोरोना को कुल 3,40,79,612 लोग मात दे चुके हैं। देश में कोरोना से बीते 24 घंटे के दौरान 220 लोगों को जान गंवानी पड़ी है। देश में कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या 4,73,757 हो गई है।
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00