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Dinner Today: राज्यसभा सभापति धनखड़ ने आज रखा रात्रिभोज, कांग्रेस के हाथ से फिसल सकता है यह पद

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Mon, 03 Oct 2022 07:57 AM IST
सार

सूत्रों का कहना है कि विपक्षी दल इस मौके पर उनकी अध्यक्षता वाली राज्यसभा समितियों के पुनर्गठन व उनकी अध्यक्षता का मुद्दा उठा सकते हैं। वे दशकों से विपक्षी दलों के प्रति बरते जा रहे सौहार्द को कायम रखने का अनुरोध सभापति से कर सकते हैं, जबकि सरकार का इरादा कुछ बदलाव का है। 

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ - फोटो : पीटीआई
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विस्तार

राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ ने आज अपने दिल्ली स्थित सरकारी निवास पर सदन के सभी प्रमुख दलों के नेताओं का रात्रिभोज आयोजित किया है। पदभार संभालने के बाद यह उनका पहला ऐसा भोज है। माना जा रहा है कि इस मौके पर विपक्षी दल सदन की विभिन्न समितियों के पुनर्गठन व इनका अध्यक्ष पद उन्हें देने का मुद्दा उठा सकते हैं। 



उपराष्ट्रपति व राज्यसभा सभापति धनखड़ के सचिवालय के सूत्रों का कहना है कि भोज में शामिल होने के लिए सदन के सभी दलों के नेताओं (floor leaders) को न्योता भेजा गया है। वेंकैया नायडू के सभापति पद से सेवानिवृत्त होने के बाद धनखड़ को उपराष्ट्रपति के बतौर राज्यसभा सभापति का पद मिला है। कुछ माह पूर्व यह पद संभालने के बाद उन्होंने पहली बार यह भोज रखा है। 


भोज में राज्यसभा में सभी दलों के नेताओं के अलावा सदन के नेता केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी और सदन के सदस्य कुछ वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया है। इस भोज से जुड़े सूत्रों का कहना है कि विपक्षी दल इस मौके पर उनकी अध्यक्षता वाली राज्यसभा समितियों के पुनर्गठन व उनकी अध्यक्षता का मुद्दा उठा सकते हैं। वे दशकों से विपक्षी दलों के प्रति बरते जा रहे सौहार्द को कायम रखने का अनुरोध सभापति से कर सकते हैं, जबकि सरकार का इरादा कुछ बदलाव का है। 

खरगे ने गोयल को पत्र लिखकर किया अनुरोध
माना जा रहा है कि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के हाथ से गृह मंत्रालय की महत्वपूर्ण संसदीय स्थायी समिति का अध्यक्ष पद जा सकता है। इस समिति का अध्यक्ष राज्यसभा की हिस्सेदारी में है। इस पद को लेकर लगभग एक पखवाड़े पहले कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने पीयूष गोयल को पत्र लिखा था। इसमें खरगे ने संसदीय परंपराओं का हवाला देकर कहा कि इस समिति का अध्यक्ष पद हमेशा से विपक्ष को दिया जाता रहा है। 

खरगे ने पत्र में कहा कि माना जा रहा है कि संसदीय समितियों का पुनर्गठन करते हुए विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालयों से संबंधित संसदी स्थायी समितियों के अध्यक्ष का पद कांग्रेस को दिया जा रहा है। खरगे ने गोयल से अनुरोध किया है कि इस बार भी गृह मंत्रालय की स्थायी समिति के अध्यक्ष का पद कांग्रेस को दिया जा सकता है। 

कांग्रेस के पास नहीं है संख्या बल
उधर, राज्यसभा सभापति के कार्यालय के सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के पास गृह मंत्रालय की समिति के अध्यक्ष का पद पाने के लिए पर्याप्त संख्या बल नहीं है। इससे पूर्व 10 वीं लोकसभा के दौरान, 1993 से 1996 तक गृह मंत्रालय की समिति के अध्यक्ष का पद सत्तारूढ़ कांग्रेस के थे, जबकि वह सत्ता पक्ष में भी। तब यह पद एमएम जैकब और रजनी रंजन साहू को दिया गया था। 

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