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Ishq Karo Party: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज काटजू ने बनाई 'इश्क करो पार्टी'; बोले- प्यार करो, लड़ाई नहीं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Tue, 09 Jun 2026 10:02 AM IST
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सार
Katju launches Ishq Karo Party:पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज मार्कंडेय काटजू ने इश्क करो पार्टी नाम से नई राजनीतिक पहल की घोषणा की है। उन्होंने युवाओं से जुड़ने की अपील करते हुए मेक लव नॉट वार का संदेश दिया। सोशल मीडिया पर इसकी तुलना कॉकरोच जनता पार्टी से की जा रही है। पार्टी का अभी कोई औपचारिक ढांचा सामने नहीं आया है। आइए, विस्तार से इस मामले के बारे में जानते हैं...
इश्क करो पार्टी के संस्थापक जज काटजू और कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
देश की राजनीति और सोशल मीडिया में अपने बेबाक बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज मार्कंडेय काटजू एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। इस बार वजह कोई कानूनी टिप्पणी नहीं, बल्कि एक नई राजनीतिक पहल है। काटजू ने इश्क करो पार्टी नाम से एक नए संगठन की घोषणा की है। उन्होंने युवाओं से इस पार्टी से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि इसका मकसद 'मेक लव नॉट वॉर' यानी प्यार करो, लड़ाई नहीं का संदेश फैलाना है। उनके इस एलान के बाद सोशल मीडिया पर बहस, मजाक और राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
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इश्क करो पार्टी की क्यों हो रही चर्चा?
मार्कंडेय काटजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि जो लोग इश्क करो पार्टी से जुड़ना चाहते हैं, वे ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने खुद को इस पार्टी का संरक्षक बताया। काटजू के मुताबिक यह पार्टी नफरत और टकराव की राजनीति के खिलाफ प्यार, भाईचारे और इंसानी रिश्तों को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है। उन्होंने अभी तक पार्टी का कोई औपचारिक घोषणापत्र जारी नहीं किया है, लेकिन मेक लव नॉट वॉर को इसका मुख्य संदेश बताया जा रहा है।
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कॉकरोच जनता पार्टी से तुलना क्यों हो रही है?
काटजू की नई पार्टी की तुलना सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी नी सीजेपी से की जा रही है। हाल ही में यह संगठन चर्चा में आया था, जब उसने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। संगठन ने कथित परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स होने के बावजूद प्रदर्शन में सीमित संख्या में लोग पहुंचे थे। अब इश्क करो पार्टी के ऐलान के बाद कई लोग इसे कॉकरोच जनता पार्टी का नया प्रतिद्वंद्वी बता रहे हैं। इतना ही नहीं उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर ये भी कहा कि भारतीय युवाओं, बेकार की कॉकरोच वाली बातें भूल जाओ और इश्क करो पार्टी में शामिल हो जाओ।
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क्या सोशल मीडिया पर ही सीमित है यह नई पार्टी?
फिलहाल इश्क करो पार्टी केवल सोशल मीडिया और ऑनलाइन चर्चा तक ही सीमित दिखाई दे रही है। पार्टी का कोई आधिकारिक ढांचा, संगठनात्मक टीम या चुनावी योजना अभी सामने नहीं आई है। हालांकि काटजू ने संकेत दिए हैं कि पार्टी की वेबसाइट और सोशल मीडिया अकाउंट तैयार किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित पोस्ट में उन्होंने लेखिका और पत्रकार मृणाल पांडे को भी इस पार्टी से जुड़ने का न्योता दिया। इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर मीम्स और प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।सोशल मीडिया पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया देखने को मिली?
मार्कंडेय काटजू के इस एलान के बाद सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंटा नजर आया। कुछ लोगों ने इसे मौजूदा तनावपूर्ण राजनीतिक माहौल में हल्के-फुल्के और सकारात्मक संदेश के रूप में देखा। वहीं कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या यह पार्टी वास्तव में राजनीति में उतरेगी या सिर्फ सोशल मीडिया तक ही सीमित रहेगी। कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में पूछा कि वन साइडेड इश्क वाले भी पार्टी में शामिल हो सकते हैं क्या? वहीं कई यूजर्स पार्टी का घोषणापत्र मांगते नजर आए।आखिर कौन हैं मार्कंडेय काटजू?
- भारत के पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज रह चुके हैं।
- साल 2006 में सुप्रीम कोर्ट के जज बने थे।
- सितंबर 2011 में सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हुए।
- रिटायरमेंट के बाद प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष के रूप में काम किया।
- अपने बेबाक और विवादित बयानों के लिए अक्सर चर्चा में रहते हैं।
- पिता एस. एन. काटजू इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज रहे थे।