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Hindi News ›   India News ›   IIT Hyderabad: bringing driverless vehicle, translation app for all language, will launch on 14 n 15 October

IIT Hyderabad : ड्राइवरलेस वाहन और हर भाषा में अनुवाद वाली एप ला रही आईआईटी हैदराबाद, प्रदर्शनी अगले महीने

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Tue, 27 Sep 2022 06:13 AM IST
सार

IIT Hyderabad : इस आयोजन के लिए 23 आईआईटी के 250 प्रोजेक्ट्स में से 75 टॉप प्रोजेक्ट चुने गए हैं। साथ-साथ 6 शोकेस परियोजनाओं का चयन किया गया है। आईआईटी कानपुर ड्रोन प्रौद्योगिकी पर चल रहे अनुसंधान एवं विकास पर प्रस्तुति देगा।

प्रतीकात्मक तस्वीर।
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : Social Media
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विस्तार

IIT Hyderabad : अब 6 महीने बाद जब कोई आईआईटी हैदराबाद जाएगा तो उसे गेट पर एक ऐसा वाहन देखने को मिलेगा जिसे चलाने वाला कोई नहीं होगा। आप उस वाहन को एक एप के जरिए बुक कर सकेंगे। बिना ड्राइवर का ये वाहन आपको बताई जगह पर छोड़कर वापस अपनी जगह पर चला जाएगा।



ठीक इसी तरह से आईआईटी हैदराबाद ने एक ऐसा एप बनाया है जो भारत सहित दुनिया की ज्यादातर भाषाओं में रियल टाइम ट्रांसलेशन उपलब्ध कराएगा। मतलब सामने वाला बोलेगा तमिल में और आप एक हेडफोन के जरिए उसे हिंदी में सुन सकेंगे। 


ये तकनीक 14-15 अक्तूबर को दुनियाभर के सामने आएंगी, मौका होगा देश की 23 आईआईटी के एक साथ जमा होने का। देशभर की सभी आईआईटी दिल्ली में अपनी बेहतरीन रिसर्च को देश की इंडस्ट्री के सामने पेश करेंगी। इस मौके शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद रहेंगे।

ये रहे मौजूद
इस कार्यक्रम की घोषणा के मौके पर आईआईटी मद्रास के गवर्निंग बोर्ड के चेयरमैन डॉक्टर पवन गोयनका और आईआईटी हैदराबाद और आईआईटी रुड़की के गवर्निंग बॉडी चेयरमैन डॉक्टर बीवीआर मोहन रेड्डी मौजूद रहे।

रिसर्च पर 3 हजार करोड़ खर्च कर रही आईआईटी
पवन गोयनका का कहना था कि एक साल में भारत की 23 आईआईटी रिसर्च पर लगभग 3 हजार करोड़ रुपए खर्च करती है, इसमें से सिर्फ 20 फीसदी पैसा इंडस्ट्री से आता है, जबकि दुनियाभर में इंडस्ट्री 60 फीसदी तक खर्च कर रही हैं।

250 प्रोजेक्ट्स में से चुने गए हैं 75 टॉप प्रोजेक्ट
आयोजन के लिए 23 आईआईटी के 250 प्रोजेक्ट्स में से 75 टॉप प्रोजेक्ट चुने गए हैं। साथ-साथ 6 शोकेस परियोजनाओं का चयन किया गया है। आईआईटी कानपुर ड्रोन प्रौद्योगिकी पर चल रहे अनुसंधान एवं विकास पर प्रस्तुति देगा और यह बताएगा कि इसकी उपयोगिता कितनी विविधतापूर्ण हो गई है।

कसौटी पर खरे उतरे
असाधारण खोज करने से लेकर जमीनी स्तर पर नवाचार विकसित करने तक, आईआईटी समग्र विकास के लिए राष्ट्र का समर्थन करने में समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं। इस प्रदर्शनी की परिकल्पना आईआईटी पारिस्थितिकी तंत्र की सार्वजनिक धारणा को बेहतर बनाने और प्रमुख हितधारकों के बीच संभावित सहयोग अवसर तलाशने के लिए की गई है। -प्रो. बी.एस. मूर्ति, निदेशक (आईआईटी हैदराबाद)

10 प्रमुख क्षेत्र पर फोकस
• रक्षा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी 
• स्वास्थ्य सेवा (उपकरण और डिजिटल स्वास्थ्य सहित)
• पर्यावरण और स्थिरता (हवा, पानी, नदियों सहित)• स्वच्छ ऊर्जा और अक्षय ऊर्जा (हाइड्रोजन और ईवी सहित)
• विनिर्माण (स्मार्ट, उन्नत और उद्योग 4.0 सहित)
• एआई/एमएल/ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकियां (क्वांटम कंप्यूटिंग सहित)
• स्मार्ट सिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर (स्मार्ट मोबिलिटी सहित)
• संचार प्रौद्योगिकी (शिक्षा और 5जी सहित)
• रोबोटिक्स, सेंसर और एक्चुएटर्स
• अर्धचालक, लचीले इलेक्ट्रॉनिक्स और नैनो प्रौद्योगिकी
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