आईएमए की चेतावनी: धार्मिक यात्राएं, लापरवाही नहीं रुकी तो तीसरी लहर होगी घातक

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Mon, 12 Jul 2021 08:21 PM IST

सार

  • डॉक्टरों ने बयान जारी कर कहा, लोगों की लापरवाही की बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी 
  • किसी भी महामारी का इतिहास देख लें, दूसरी के बाद तीसरी लहर हर हाल में आई 
लोगों की भीड़
लोगों की भीड़ - फोटो : ANI
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विस्तार

कोरोना की विनाशकारी दूसरी लहर के बाद मामले कम होते ही लोगों की बेफिक्री भयानक तीसरी लहर के लिए न्योता साबित हो सकती है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के डॉक्टरों ने इस पर चिंता जाहिर करते हुए एक पत्र जारी किया है जिसमें साफ चेताया है कि अगर लोगों ने घुमक्कड़ी, तीर्थ और यात्राओं पर लगाम नहीं कसी तो कोरोना की तीसरी लहर भयावह होगी।  
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डॉक्टरों की संस्था आईएमए ने कहा, पर्यटन, यात्राएं और धार्मिक आस्थाएं जरूरी हैं, पर अभी इसके लिए कुछ महीने इंतजार करना ही बेहतर होगा। दुनियाभर से हमें सीख लेने की जरूरत है। किसी भी महामारी का इतिहास उठाकर देख लें, तीसरी लहर को टाला नहीं जा सका है और दूसरी के बाद इसके आने का अंतराल भी बहुत लंबा नहीं रहा। इसके बाद जब हमें सावधानी बरतनी चाहिए, तब लोग बेफिक्र होकर घूमने के लिए पहाड़ों का रुख कर रहे हैं, यह दुखद है। आईएमए की ओर से यह बयान ठीक उस दिन आया है, जब पुरी में भगवान श्री जगन्नाथ यात्रा का शुभारंभ हुआ है। वहीं, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार कांवड़ यात्रा को मंजूरी देने पर चर्चा कर रही हैं। 


बिना टीके के बेरोकटोक घूमने  से रफ्तार पकड़ेगी तीसरी लहर 
आईएमए ने कहा, जिस तरह आयोजनों को छूट दी गई है और लोगों को टीकाकरण के बिना भी बेरोकटोक बड़ी संख्या में इकट्ठे होने दिया जा रहा है। यह असल में तीसरी लहर को गति देगा। पर्यटन स्थलों पर जुटी लोगों की भीड़ में कोरोना नियमों का पालन असंभव होता दिख रहा है। यही लोग संक्रमण को पैर पसारने में मदद करेंगे और तीसरी लहर को रफ्तार देेंगे। आईएमए ने राज्यों से स्थिति की गंभीरता को समझते हुए भीड़ जुटने से रोकने की अपील की है। 

बीते डेढ़ साल की जंग से लेनी होगी सीख  
आईएमए ने कहा, बीते डेढ़ वर्ष की जंग के बावजूद हुए नुकसान से हमें सीख लेनी होगी। अधिक से अधिक लोगों को टीका लगाने और कोरोना सम्मत व्यवहार का सख्ती से पालन करने से तीसरी लहर का  सामना करना आसान होगा और इसका असर भी कम होगा। लेकिन अगर पर्यटन व आयोजनों की मौजूदा स्थिति पर नियंत्रण नहीं किया गया तो तीसरी लहर समय से पहले आएगी ओर अधिक तबाही मचा सकती है।

हर किसी को समझनी होगी अपनी जिम्मेदारी 
डॉक्टरों की संस्था ने कहा, कोरोना के एक मरीज के इलाज के परिणाम व अर्थव्यवस्था पर इसका असर निश्चित रूप से इस तरह के आयोजनों व सामूहिक समारोहों को रोकने से होने वाले नुकसान से बेहतर होगा। यह हर किसी की निजी जिम्मेदारी और कर्तव्य है कि कम से कम तीन महीने तक कोरोना सम्मत व्यवहार का कड़ाई से पालन किया जाए।  

सरकार पर्यटकों को रोकना नहीं चाहती मगर नियमों का पालन करें: रेड्डी
‘सरकार पर्यटकों पर कोई रोक नहीं लगाना चाहती है, मगर पर्यटकों को भी कोरोना नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। महामारी को मात देने के लिए हर किसी को कोरोना योद्धा बनना होगा। इसलिए सभी को सावधानी बरतनी होगी। - जी किशन रेड्डी, पर्यटन मंत्री 

मोदी आज पूर्वोत्तर के मुख्यमंत्रियों से कोरोना के हालात पर करेंगे चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को पूर्वोत्तर राज्यों के आठ मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक में पूर्वोत्तर में बढ़ते कोरोना संक्रमण के हालात पर चर्चा करेंगे। साथ ही टीकाकरण अभियान की समीक्षा भी होगी। सूत्रों के मुताबिक बैठक में असम, नगालैंड, त्रिपुरा, सिक्किम, मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम के सीएम शामिल होंगे। 

हैदराबाद के प्रोफेसर बोले, 4 जुलाई से शुरू हुई तीसरी लहर, आईआईटी के विशेषज्ञ का इनकार 
तीसरी लहर की चर्चाओं के बीच हैदराबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ विपिन श्रीवास्तव ने जहां दावा किया कि देश में तीसरी लहर 4 जुलाई से शुरू हो गई है, वहीं आईआईटी जोधपुर के पूर्व प्रोफेसर ने इससे इनकार किया। पूर्व प्रोफेसर रिजो एम जॉन ने कहा, व्यक्तिगत तौर पर तीसरी लहर की पुष्टि नहीं की जा सकती क्योंकि बीते सात दिन के आंकड़ों में तीसरी लहर के संकेत नहीं मिल रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर दैनिक मामलों का गणितीय आकलन अभी दूसरी लहर से बाहर आने के संकेत दे रहा है। वहीं केरल, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर राज्यों में संक्रमण दर 10 फीसदी से भी अधिक है, वहां भी नई लहर दिखाई नहीं दे रही है। जबकि प्रोफेसर श्रीवास्तव ने कहा था, तीसरी लहर के कारण ही देश में नए मामले बढ़ रहे हैं। अगर जल्द से जल्द सतर्कता नहीं बरती गई तो यह काफी आक्रामक हो सकती है।



आईएमए ने कहा इनकी इजाजत देना और लोगों को टीका लगवाए बगैर इस भीड़भाड़ में शामिल होने देना कोविड की तीसरी लहर में बड़ा योगदान दे सकता है। ओडिशा के पुरी में सालाना रथ यात्रा शुरू होने के दिन और उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा की अनुमति दिये जाने की वार्ता होने के बीच यह बयान आया है। आईएमए ने सभी राज्यों से लोगों की भीड़भाड़ को रोकने की अपील की है।

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