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Indipendence day: बुलंदशहर के नौसेना अधिकारी ने लंदन में फहराया तिरंगा, ब्रिटेन की महारानी से होगी भेंट

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Mon, 15 Aug 2022 06:30 PM IST
सार

Indipendence day: आईएनएस तरंगिणी, कोच्चि से नीदरलैंड, डेनमार्क होते हुए 14 अगस्त 2022 को 'आजादी के अमृत महोत्सव' में तिरंगा फहराने के लिए लंदन पहुंचा है। लंदन में थेम्स नदी के तट पर आईएनएस तरंगिणी का भव्य स्वागत हुआ...

Independence day: Lt. Parth Singh
Independence day: Lt. Parth Singh - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

आजादी के 75 साल पूरे होने पर बुलंदशहर जिले के नौसाना गांव के लेफ्टिनेंट पार्थ सिंह ने लंदन में 'तिरंगा' फहराया है। वे अपने गांव से भारतीय नौसेना में अधिकारी पद पर चयनित होने वाले पहले व्यक्ति हैं। दरअसल लेफ्टिनेंट पार्थ सिंह आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत एक विशेष कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। वे मौजूदा समय में आईएनएस तरंगिणी पर तैनात हैं। लेफ्टिनेंट पार्थ सिंह के पिता विश्वमित्र आनंद, आईटीबीपी मुख्यालय में डीआईजी हैं।

आईएनएस तरंगिणी, भारतीय नौसेना का एक विशिष्ट पोत है, जो पूर्व में पृथ्वी की परिक्रमा कर चुका है। यह पोत वसुधैव कुटुंबकम का संदेश लेकर विश्व के विभिन्न देशों में बंधुत्व व मैत्री के लिए यात्रा कर रहा है। विश्व में अब इस तरह के पाल वाले कुछ ही पोत बचे हैं। ये पोत हवा की सहायता से चलते हैं। आईएनएस तरंगिणी, कोच्चि से नीदरलैंड, डेनमार्क होते हुए 14 अगस्त 2022 को 'आजादी के अमृत महोत्सव' में तिरंगा फहराने के लिए लंदन पहुंचा है। लंदन में थेम्स नदी के तट पर आईएनएस तरंगिणी का भव्य स्वागत हुआ। इस मौके पर वहां कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए।

लेफ्टिनेंट पार्थ सिंह ने इस संपूर्ण कार्यक्रम में विशेष भूमिका निभाई है। उन्होंने ध्वजारोहण के साथ-साथ अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी भाग लिया। इतना ही नहीं, बल्कि लेफ्टिनेंट पार्थ सिंह एक विशेष कार्यक्रम में बकिंघम पैलेस में ब्रिटेन की महारानी से भेंट वार्ता करेंगे। उसके बाद वे रॉयल ब्रिटिश नेवी के साथ विभिन्न मैत्री कार्यक्रमों में भी शिरकत करेंगे। लेफ्टिनेंट पार्थ सिंह को बचपन से ही वर्दी पहनने का शौक रहा है। देशप्रेम की भावना उन्हें विरासत में अपने परिवार से मिली है। उनके पिता भारत तिब्बत सीमा पुलिस में डीआईजी के पद पर तैनात हैं। उन्हें राष्ट्रपति के पुलिस पदक से सम्मानित किया जा चुका है। उनकी माता भी उत्तर प्रदेश में एनसीसी की बेस्ट कैडेट थीं। उन्हें भी गवर्नर्स गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया है।

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