अमर उजाला
Sun, 29 May 2022
जुलाई, 2019 में राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभालने के बाद से धनखड़ और टीएमसी सरकार के बीच में कई मुद्दों पर खींचतान हुई है। अब एक बार फिर दोनों के बीच ठन गई है।
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ममता बनर्जी के भतीजे और डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी के न्यायपालिका को लेकर दिए गए बयान की आलोचना करते हुए कहा कि सांसद ने रेड लाइन पार कर दी है।
दरअसल, टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा था कि 'मैं यह बात कह कर बहुत शर्मिंदा महसूस कर रहा हूं कि न्यायतंत्र में एक या दो लोग ऐसे हैं जो (पश्चिम बंगाल के) हर मामले में सीबीआई जांच का आदेश दे रहे हैं। यह न्यायतंत्र का केवल एक फीसदी है।'
दरअसल, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पिछले एक साल में कई मामलों में सीबीआई जांच के आदेश दिया है। इनमें चुनाव के बाद की हिंसा और स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) द्वारा शिक्षकों की भर्ती में हुए घोटाले भी शामिल हैं।
अभिषेक बनर्जी का बचाव करते हुए तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि अभिषेक बनर्जी अदालतों और न्यायिक व्यवस्था में पूरा सम्मान और विश्वास रखते हैं।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने इस मामले में टीएमसी पर हमला किया है। उन्होंने कहा कि टीएमसी द्वारा लोकतंत्र के सभी स्तंभों को गिराने की कोशिश की जा रही है।
राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने रविवार को कहा कि राज्य की गंभीर समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में उनकी स्थिति और जिम्मेदारियों को लेकर मुद्दे पैदा किए जा रहे हैं।
इससे पहले भी टीएमसी ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ पर राज्यपाल पद की सीमा लांघने का आरोप लगाते हुए कहा था कि वह भाजपा के प्रतिनिधि के रूप में काम कर रहे हैं।
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