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Nepal: बालेन शाह सरकार में सुदन गुरुंग की फिर होगी वापसी, बनेंगे गृह मंत्री; प्रधानमंत्री ने की सिफारिश
वर्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
Published by: अमन तिवारी
Updated Tue, 09 Jun 2026 06:14 PM IST
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सार
22 अप्रैल को वित्तीय लेनदेन को लेकर हुए विवाद के बाद सुदन गुरुंग ने नेपाल के गृह मंत्री का पद छोड़ दिया था। सरकार द्वारा गठित समिति को गुरुंग द्वारा किसी भी तरह के अवैध वित्तीय लेन-देन का कोई सबूत नहीं मिला है। इसके बाद अब प्रधानमंत्री बालेन शाह ने गुरुंग को फिर से गृह मंत्री बनाने की सिफारिश की है, जिसे स्वीकार लिया गया है।
सूदन गुरुंग (नेपाल के गृहमंत्री)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नेपाल की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सुधन गुरुंग एक बार फिर देश के गृह मंत्री बनने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल को गुरुंग की नियुक्ति के लिए सिफारिश भेजी है। उम्मीद है कि मंगलवार को गुरुंग एक बार फिर गृह मंत्री पद की शपथ लेंगे।
22 अप्रैल सुधन गुरुंग ने दिया था इस्तीफा
सुधन गुरुंग ने 22 अप्रैल को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन पर वित्तीय लेनदेन में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगे थे। विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने खुद ही पद छोड़ दिया था। पद छोड़ते समय गुरुंग ने कहा था कि आज के युवा सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। उनके मुताबिक, नेतृत्व को हमेशा जवाबदेह होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पद पर रहते हुए हितों का टकराव हो सकता था, इसलिए जांच को पारदर्शी बनाने के लिए उन्होंने पद छोड़ना ही बेहतर समझा। पिछले डेढ़ महीने से गृह मंत्रालय का कामकाज खुद प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह देख रहे थे।
आरोपों की जांच में क्या निकला?
सरकार ने इन आरोपों की जांच के लिए 11 मई को एक विशेष समिति बनाई थी। पूर्व न्यायाधीश अच्युत प्रसाद भंडारी ने इस समिति का नेतृत्व किया। समिति ने अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री को सौंप दी है। हालांकि सरकार ने अभी रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन खबरों के मुताबिक गुरुंग के खिलाफ कोई गलत सबूत नहीं मिले हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि गुरुंग और विवादित कारोबारी दीपक भट्ट के बीच पैसों का कोई सीधा संबंध साबित नहीं हुआ है। बैंकिंग रिकॉर्ड में भी किसी लेनदेन का पता नहीं चला है।
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क्या हैं आरोप?
गुरुंग पर व्यवसायी दीपक भट्टा की कंपनियों- स्टार माइक्रो इंश्योरेंस और लिबर्टी माइक्रो इंश्योरेंस में संस्थापक शेयरधारक होने का आरोप है। दीपक भट्ट इस समय धन शोधन के मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। जांच के दौरान गुरुंग ने बताया कि उन्होंने काठमांडू के ठमेल में एक होटल का संचालन किया था। उसी की कमाई को उन्होंने शेयर और सोने में निवेश किया। जब अप्रैल में मंत्रियों की संपत्ति का ब्यौरा सामने आया, तो गुरुंग सबसे अमीर मंत्रियों में से एक निकले। उनके पास तय सीमा से अधिक जमीन और काफी नकद मौजूद था।
ये भी पढ़ें: POJK Protests: मुजफ्फराबाद में दमन कर रही पाकिस्तानी सेना; 50 ब्रिटिश सांसदों ने नापाक हरकत पर जताई चिंता
इस पर सवाल उठे तो उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना बचाव किया। उन्होंने लिखा कि गरीब पैदा होना गलती नहीं है, लेकिन गरीब मरना गलती है। उन्होंने तर्क दिया कि राजनीति में आने से पहले ईमानदारी से पैसा कमाना पाप नहीं है। सुधन गुरुंग पिछले साल शुरू हुए 'जेन-जी' आंदोलन के बड़े नेता हैं। वह गोरखा-1 क्षेत्र से सांसद चुने गए थे।
राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री की सिफारिश मिल गई है। गुरुंग के साथ ही सांसद महाबीर पुन को भी मंत्री बनाया जाएगा। उन्हें विज्ञान, तकनीक और नवाचार मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलेगी। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल इन दोनों नेताओं को शपथ दिलाएंगे।
22 अप्रैल सुधन गुरुंग ने दिया था इस्तीफा
सुधन गुरुंग ने 22 अप्रैल को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन पर वित्तीय लेनदेन में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगे थे। विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने खुद ही पद छोड़ दिया था। पद छोड़ते समय गुरुंग ने कहा था कि आज के युवा सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। उनके मुताबिक, नेतृत्व को हमेशा जवाबदेह होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पद पर रहते हुए हितों का टकराव हो सकता था, इसलिए जांच को पारदर्शी बनाने के लिए उन्होंने पद छोड़ना ही बेहतर समझा। पिछले डेढ़ महीने से गृह मंत्रालय का कामकाज खुद प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह देख रहे थे।
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आरोपों की जांच में क्या निकला?
सरकार ने इन आरोपों की जांच के लिए 11 मई को एक विशेष समिति बनाई थी। पूर्व न्यायाधीश अच्युत प्रसाद भंडारी ने इस समिति का नेतृत्व किया। समिति ने अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री को सौंप दी है। हालांकि सरकार ने अभी रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन खबरों के मुताबिक गुरुंग के खिलाफ कोई गलत सबूत नहीं मिले हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि गुरुंग और विवादित कारोबारी दीपक भट्ट के बीच पैसों का कोई सीधा संबंध साबित नहीं हुआ है। बैंकिंग रिकॉर्ड में भी किसी लेनदेन का पता नहीं चला है।
क्या हैं आरोप?
गुरुंग पर व्यवसायी दीपक भट्टा की कंपनियों- स्टार माइक्रो इंश्योरेंस और लिबर्टी माइक्रो इंश्योरेंस में संस्थापक शेयरधारक होने का आरोप है। दीपक भट्ट इस समय धन शोधन के मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। जांच के दौरान गुरुंग ने बताया कि उन्होंने काठमांडू के ठमेल में एक होटल का संचालन किया था। उसी की कमाई को उन्होंने शेयर और सोने में निवेश किया। जब अप्रैल में मंत्रियों की संपत्ति का ब्यौरा सामने आया, तो गुरुंग सबसे अमीर मंत्रियों में से एक निकले। उनके पास तय सीमा से अधिक जमीन और काफी नकद मौजूद था।
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इस पर सवाल उठे तो उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना बचाव किया। उन्होंने लिखा कि गरीब पैदा होना गलती नहीं है, लेकिन गरीब मरना गलती है। उन्होंने तर्क दिया कि राजनीति में आने से पहले ईमानदारी से पैसा कमाना पाप नहीं है। सुधन गुरुंग पिछले साल शुरू हुए 'जेन-जी' आंदोलन के बड़े नेता हैं। वह गोरखा-1 क्षेत्र से सांसद चुने गए थे।
राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री की सिफारिश मिल गई है। गुरुंग के साथ ही सांसद महाबीर पुन को भी मंत्री बनाया जाएगा। उन्हें विज्ञान, तकनीक और नवाचार मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलेगी। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल इन दोनों नेताओं को शपथ दिलाएंगे।