लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

विज्ञापन
Hindi News ›   India News ›   Power Crisis: Difficulties in availability of domestic coal, 800 million tonnes is being produced

Coal Crisis: घरेलू कोयले की उपलब्धता में कई मुश्किलें, 800 मिलियन टन हो रहा उत्पादन 

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Mon, 16 May 2022 07:32 AM IST
सार

कोयला सचिव एके जैन ने बताया, देश में गैस आधारित बिजली उत्पादन में भारी गिरावट आई है, जिसने संकट को और बढ़ा दिया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social Media
ख़बर सुनें

विस्तार

कोल मंत्रालय ने कहा है कि देश घरेलू कोयले की उपलब्धता में कई मुश्किलों का सामना कर रहा है। मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया है कि कोयला ब्लॉक धारकों कैप्टिव और व्यावसायिक दोनों को कोयले की कमी को कम करने में एक प्रमुख भूमिका निभानी है। ऊर्जा क्षेत्र के कोल लिंकेज के लिए आंतरिक मंत्रालय पैनल के चेयरमैन और अतिरिक्त सचिव ने कहा कि घरेलू कोयला उत्पादन इस समय लगभग 800 मिलियन टन है। कोयले की उपलब्धता में बाधाओं को देखते हुए देश में बाकी मांग को अन्य देशों से आयात के माध्यम से पूरा किया जाना है। 



कोयले के कम भंडारण के लिए कई कारक जिम्मेदार
कोयला सचिव एके जैन ने बिजली संयंत्रों में कम कोयले के भंडार के लिए कई कारकों को जिम्मेदार ठहराया था। इसमें अर्थव्यवस्था में उछाल के कारण बिजली की मांग में वृद्धि, कोरोना महामारी, गर्मी का जल्दी आना, गैस की कीमत में वृद्धि और आयातित कोयला और कोस्टल थर्मल पावर संयंत्रों द्वारा बिजली उत्पादन में तेज गिरावट है।


पहले से कई उपाय चल रहे हैं
उन्होंने कहा कि देश में बिजली आपूर्ति बढ़ाने के लिए पहले से ही कई उपाय चल रहे हैं। देश में गैस आधारित बिजली उत्पादन में भारी गिरावट आई है, जिसने संकट को और बढ़ा दिया है। आयातित कोयले की कीमतों में तेज वृद्धि के कारण कोस्टल थर्मल पावर प्लांट अब अपनी क्षमता का लगभग आधा उत्पादन कर रहे हैं। इससे बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच अंतर पैदा हो गया है।

दक्षिण और पश्चिमी के राज्य आयातित कोयले पर निर्भर
जैन ने कहा कि दक्षिण और पश्चिम के राज्य आयातित कोयले पर निर्भर हैं। जब इन राज्यों में कोयला संयंत्रों को वैगन या रेक के माध्यम से कोयला भेजा जाता है तो रेक का समय 10 दिनों से अधिक हो जाता है, जिससे दूसरे संयंत्रों के लिए रेक का संकट खड़ा हो जाता है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00