राहुल गांधी का लोकसभा अध्यक्ष को पत्र, संसदीय समिति की बैठक में 'बोलने की आजादी' मांगी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Thu, 17 Dec 2020 05:44 PM IST
राहुल गांधी
राहुल गांधी - फोटो : ANI
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बुधवार को रक्षा मामले की संसदीय समिति से वॉक आउट करने के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि संसदीय समिति की बैठक में उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी गई, इसलिए मैं आपसे इस मामले में दखल देने का आग्रह करता हूं।
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उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध करते हुए कहा कि संसदीय समिति की बैठकों में निर्वाचित सांसदों को बिना अवरोध के बोलने का मौका दिया जाए। सूत्रों ने इसकी जानकारी दी।


सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी समिति के सामने लद्दाख में चीन की आक्रामकता और सैनिकों को बेहतर उपकरण उपलब्ध कराने से जुड़े मुद्दे उठाना चाहते थे, लेकिन समिति के अध्यक्ष जुएल उरांव ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी।

लद्दाख का मुद्दा नहीं उठा पाए थे राहुल

बता दें कि बीते रोज कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी के अन्य सदस्य रक्षा मामलों पर संसदीय समिति की बैठक बीच में ही छोड़कर चले गए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्वपूर्ण मुद्दे की बजाय सशस्त्र बलों की वर्दी पर चर्चा में समय बर्बाद किया जा रहा है।

सूत्रों का कहना था कि राहुल गांधी समिति के समक्ष लद्दाख में चीन की आक्रमकता और सैनिकों को बेहतर उपकरण उपलब्ध कराने से जुड़े मुद्दे उठाने चाहते थे, लेकिन समिति अध्यक्ष और भाजपा नेता जुएल उरांव ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी।

बैठक में मौजूद एक नेता के अनुसार, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत की मौजूदगी में समिति की बैठक में सेना, नौसेना और वायुसेना के कर्मियों के लिए वर्दी के मुद्दे पर चर्चा की जा रही थी और राहुल ने कहा कि इस पर चर्चा करने के बजाय नेताओं को राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों और लद्दाख में तैनात सशस्त्र बलों को मजबूत करने के बारे में चर्चा करनी चाहिए।

बोलने की अनुमति नहीं मिली तो वॉकआउट का फैसला लिया

समिति के अध्यक्ष ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष को बोलने की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद राहुल गांधी ने बैठक से बाहर जाने का फैसला लिया था। इसके बाद बैठक में शामिल कांग्रेस सांसद राजीव सातव और रेवंत रेड्डी भी उनके साथ बाहर चले गए थे। सूत्रों ने बताया था कि राहुल गांधी का कहना था कि वर्दी के संदर्भ में फैसला सेना से जुड़े लोग करेंगे और नेताओं को इसकी बजाय राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए।

1971 युद्ध को लेकर राहुल बोले-तब पड़ोसी मानते थे भारतीय पीएम का लोहा

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अप्रत्यक्ष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। राहुल ने विजय दिवस के मौके पर 1971 के पाकिस्तान युद्ध में मिली जीत पर देशवासियों को शुभकामनाएं और सेना के शौर्य को याद किया। जबकि तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी का नाम लिए बिना उनके साहस की तुलना वर्तमान पीएम से की।

राहुल ने ट्वीट कर कहा कि सन् 1971 में भारत की पाकिस्तान पर ऐतिहासिक जीत के उत्सव पर देशवासियों को शुभकामनाएं और सेना के शौर्य को नमन। ये उस समय की बात है जब भारत के पड़ोसी देश भारत के प्रधानमंत्री का लोहा मानते थे और हमारे देश की सीमा का उल्लंघन करने से डरते थे।  
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