Explainer: राज्यसभा चुनाव कहां निर्विरोध निर्वाचन और कहां मतदान की नौबत; जहां वोटिंग वहां किसके पक्ष में गणित?
10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। कई राज्यों में उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने की स्थिति बन गई है, जबकि कुछ राज्यों में मुकाबला रोचक हो सकता है। ऐसे में सभी की नजरें इस बात पर हैं कि कहां मतदान होगा और इन चुनावों का राज्यसभा के गणित पर क्या असर पड़ेगा। आइए जानते हैं।
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विस्तार
24 सीटों पर हो रहे राज्यसभा चुनाव में किसी राज्य में कितनी सीटें खाली हो रही हैं? कहां से कौन रिटायर हो रहा है? नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद किन राज्यों में उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है? किन राज्यों में मतदान होने के आसार हैं? जहां मतदान होने की स्थिति बनती दिख रही है वहां कैसे समीकरण हैं? 24 सीटों पर नतीजे उम्मीद के मुताबिक रहे तो राज्यसभा का गणित कितना बदलेगा? आइये जानते हैं...
किन-किन राज्यों में हो रहे चुनाव?
जिन राज्यों में चुनाव होने हैं उनमें आंध्र प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, कर्नाटक, मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम शामिल हैं। आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक में सबसे अधिक चार-चार सीटों पर चुनाव हो रहा है। वहीं, मध्य प्रदेश और राजस्थान में तीन-तीन सीटों, झारखंड में दो सीटों और मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में एक-एक सीट के लिए चुनाव हो रहा है। इन सभी राज्यसभा सीटों के मौजूदा सांसदों का कार्यकाल 21 जून से 19 जुलाई तक अलग-अलग तारीखों पर खत्म हो रहा है।किन बड़े चेहरों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है?
भाजपा की ओर से केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन और रवनीत सिंह बिट्टू, जबकि विपक्ष की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का नाम प्रमुख है।क्या हैं इन राज्यों में चुनावी समीकरण?
1. आंध्र प्रदेश
आंध्र प्रदेश में किस वजह से हो रहा चुनाव?
आंध्र प्रदेश में राज्यसभा की कुल 11 सीटें हैं। इनमें से चार सीटों पर चुनाव हो रहा है। जिन सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है उनमें युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) पार्टी के अल्ला अयोध्या रामी रेड्डी, परिमल नथवानी और सुभाषचंद्र बोस पिल्ली शामिल हैं। वहीं, टीडीपी के सना सतीश बाबू का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है। चारों का कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो रहा है।
इस चुनाव में किस दल ने किसे बनाया उम्मीदवार
एनडीए गठबंधन से टीडीपी ने अपने तीन उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। टीडीपी प्रमुख और मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने चिंतकायला विजय, भाष्यम रामकृष्ण और मौजूदा राज्यसभा सदस्य साना सतीश को पार्टी उम्मीदवार बनाया है। वहीं सहयोगी जन सेना पार्टी ने लिंगमनेनी रमेश को उम्मीदवार बनाया है। इन चारों के अलावा और कोई उम्मीदवार चुनावी मैदान में नहीं है। ऐसे में सभी उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय है। यानी, वाईएसआई कांग्रेस को यहां तीन सीटों का नुकसान होना तय है। वहीं, टीडीपी को दो और जन सेना को एक सीट का फायदा हो सकता है।
2. गुजरात
गुजरात में क्यों हो रहा चुनाव?
गुजरात में कुल 11 राज्यसभा सीटें हैं। इनमें से चार सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। ये चुनाव सत्तारूढ़ भाजपा के नरहरि अमीन, रमीलाबेन बारा और रामभाई मोकारिया और कांग्रेस के शक्तिसिंह गोहिल का कार्यकाल खत्म होने की वजह से हो रहे हैं। इन सभी का कार्यकाल 21 जून 2026 को पूरा हो रहा है।
गुजरात में किसकी सीटें बढ़ रहीं?
गुजारत में खाली हो रही सभी चार सीटें भाजपा के पास जाना तय है। पार्टी ने चार उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। इनमें राजुभाई शुक्ला, मुकेशभाई राठवा, मानसिंह परमार और जितेन्द्र मेघजीभाई कंजारिया शामिल हैं। कांग्रेस के किसी भी उम्मीदवार ने नामांकन नहीं किया, जिसके बाद भाजपा उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत तय मानी जा रही है। यानी यहां भाजपा को एक सीट का फायदा होता दिख रहा है।
3. कर्नाटक
कर्नाटक में क्यों हो रहा चुनाव?
कर्नाटक में कुल 12 राज्यसभा सीटें हैं। इनमें से चार सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। जिन सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है उनमें जनता दल (सेक्युलर) के सांसद और पूर्व प्रधानमंत्री एचेडी देवेगौड़ा और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, भाजपा के इरन्ना कदादी और नारायण कोरगप्पा शामिल हैं। इन सभी का 25 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। चार सीटों के लिए कुल पांच उम्मीदवार मैदान में हैं। अगर 11 जून तक कोई भी उम्मीदवार नाम वापस नहीं लेता तो यहां 18 जून को मतदान होगा।
कर्नाटक में कौन कितनी सीटें जीत सकता है?
नामांकन दाखिल करने वाले पांच उम्मीदवारों में मल्लिकार्जुन खरगे, अखिल भारतीय कांग्रेस समिति सचिव मंसूर अली खान और पार्टी के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा शामिल हैं। भाजपा ने यहां से एम नागराज को उम्मीदवार बनाया है। कोडागु जिले के बोजन्ना सोमैया निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर उतरे हैं।
क्या है कर्नाटक का समीकरण?
224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा में इस वक्त दो सीटें खाली हैं। किसी उम्मीदवार को जीतने के लिए कम से कम 45 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। इस वक्त कांग्रेस के पास विधानसभा अध्यक्ष समेत कुल 135 विधायक हैं। सत्ताधारी दल को दो निर्दलियों और एसकेएम के एक विधायक का भी समर्थन है। इस लिहाज से पार्टी अपने तीनों उम्मीदवार जिता सकती है। वहीं, भाजपा के 62 विधायक हैं। उसके पास जेडीएस 18 और केआरपीपी के एक विधायक का भी समर्थन है। यानी, वो अपने आधिकारिक उम्मीदवार को आसानी से जिता सकती है। भाजपा से असंबद्ध किए गए तीन विधायक किसे वोट करते हैं ये देखना होगा। अगर निर्दलीय सोमैया भाजपा और उसके सहयोगियों के वोट के साथ कांग्रेस के कुछ विधायकों का समर्थन भी हासिल कर लेते हैं तो मुकाबला दिलचस्प हो सकता है।
4. मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश में क्यों हो रहा चुनाव?
मध्य प्रदेश में कुल 11 राज्यसभा सीटें हैं। इनमें से तीन सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। सत्तारूढ़ भाजपा के जॉर्ज कुरियन और सुमेर सिंह सोलंकी और कांग्रेस के दिग्विजय सिंह का कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। खाली हो रही तीन सीटों के लिए चार उम्मीदवार मैदान में थे। भाजपा ने रजनीश अग्रवाल, तरुण चुग और महेश केवट को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को उतारा था लेकिन नटराजन पर तेलंगाना में चल रहे केस के कारण उनका नामांकन रद्द हो गया है। इस स्थिति में भाजपा की तीनों सीट पर जीत तय है।
5. राजस्थान
राजस्थान में क्यों हो रहा चुनाव?
राजस्थान में कुल 10 राज्यसभा सीटें हैं। इनमें से तीन सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। सत्तारूढ़ भाजपा के राजेंद्र गहलोत और रवनीत सिंह और कांग्रेस के नीरज डांगी का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है। भाजपा ने अपने दो उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। इनमें डॉ. अलका गुर्जर और डॉ. सतीश पूनिया शामिल हैं। वहीं कांग्रेस ने दोबारा नीरज डांगी को ही उम्मीदवार बनाया है। तीन सीटों पर तीन उम्मीदवार उतरने से सभी का निर्विरोध चुना जाना तय है।

6. झारखंड
झारखंड में क्यों हो रहा चुनाव?
झारखंड में राज्यसभा की कुल छह सीटें हैं। इनमें दो सीटों पर चुनाव होने हैं। इनमें एक सीट झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक शिबू सोरेन के निधन के बाद रिक्त हुई है। वहीं, दूसरी सीट पर भाजपा सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। इन दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। झामुमो ने बैद्यनाथ राम, कांग्रेस ने प्रणव झा को उतारा है। वहीं, परिमल नथवानी एनडीए के समर्थन से उतरे हैं।
क्या है झारखंड का समीकरण?
81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा के मौजूदा संख्या बल के अनुसार राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 28 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। सत्तारूढ़ महागठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं, यानी गणित के हिसाब से वह दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवारों को जीत दिलाने की स्थिति में है।
उद्योगपति और राज्यसभा सांसद रहे परिमल नथवानी की एंट्री ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। इसे देखते हुए कांग्रेस और उसके सहयोगी दल क्रॉस वोटिंग की किसी भी संभावना को रोकने के लिए अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश में जुटे हैं। वहीं विपक्षी एनडीए के पास 24 विधायक हैं। संख्या बल उसके पक्ष में भले न हो, लेकिन अगर मतदान के दौरान कोई अप्रत्याशित राजनीतिक समीकरण बनता है या क्रॉस वोटिंग होती है, तो चुनाव का गणित बदल सकता है।
7. मणिपुर
मणिपुर में एक राज्यसभा सीट है और उसी पर चुनाव होने जा रहे हैं। भाजपा के लीशेम्बा सनाजाओबा का कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। पार्टी ने इस बार ए. शारदा देवी को उम्मीदवार बनाया है, जिसके बाद भाजपा की निर्विरोध जीत तय है।
8. मेघालय
मेघालय राज्य में कुल एक राज्यसभा सीट है। इस पर चुनाव होने जा रहा है। सत्तारूढ़ नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के वानवेरोय खारलुखी का कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। एनपीपी ने पूर्व विधायक जेम्स पीके संगमा को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। उनका निर्विरोध जीत दर्ज करना तय है।
9. अरुणाचल प्रदेश
अरुणाचल प्रदेश में राज्यसभा की केवल एक सीट है, इस पर चुनाव होना है। भाजपा के नबम रेबिया का कार्यकाल 23 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। सत्तारूढ़ भाजपा ने ताई तागाक को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। तागाक का निर्विरोध निर्वाचन तय है।

10. मिजोरम
मिजरोम की एकलौती राज्यसभा सीट पर चुनाव होना है। मिजो नेशनल फ्रंट के के वनलालवेना का कार्यकाल 19 जुलाई 2026 को समाप्त हो रहा है। इस एक सीट के लिए दो उम्मीदवार के नाम घोषित किए गए हैं।
मिजोरम की सत्तारूढ़ जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) ने पार्टी प्रवक्ता के. लालतलुआंगकिमा को अपना उम्मीदवार घोषित किया। वहीं मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) की उम्मीदवार जोथांसंगी हमार हैं।
क्या है मिजोरम का समीकरण?
मिजोरम में राज्यसभा की यह सीट एनडीए के सहयोगी दल मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के पास है, लेकिन मौजूदा राजनीतिक गणित को देखते हुए इसके हाथ से निकलने की संभावना है। विधानसभा में एनडीए के पास कुल 7 विधायक हैं, जिनमें भाजपा के 2 और एमएनएफ के 5 विधायक शामिल हैं। दूसरी ओर, सत्तारूढ़ जोरम पीपल्स मूवमेंट (जेडपीएम) के पास 27 विधायकों का मजबूत बहुमत है। राज्यसभा की यह सीट जीतने के लिए 21 वोटों की जरूरत है, ऐसे में संख्या बल के आधार पर यह सीट जेडपीएम के खाते में जाती दिखाई दे रही है।