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Gyanvapi-Taj Mahal Case: आरएसएस नेता ने कहा- सामने आना चाहिए सच, देश को सही दिशा देने में मिलेगी मदद

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Sun, 15 May 2022 10:51 PM IST
सार

आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने लोगों से अपनी जाति, समुदाय, क्षेत्र, धर्म और पार्टी से ऊपर उठने और ऐसे विवादों के बारे में सच्चाई सामने लाने में अदालत की मदद करने की अपील की। 

आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार
आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार - फोटो : ANI
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विस्तार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने रविवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में ज्ञानवापी मस्जिद, ताजमहल और कृष्ण जन्मभूमि और देश के अन्य सभी विवादित स्थानों की सच्चाई लोगों के सामने आनी चाहिए। दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम से इतर उन्होंने कहा कि लोग इन जगहों के बारे में सच्चाई जानना चाहते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे देश को 'सही दिशा' प्राप्त करने में मदद मिलेगी।



आरएसएस नेता ने की लोगों से अपील
उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी, ताजमहल, कृष्ण जन्मभूमि और देश के कई अन्य स्थानों के बारे में चर्चा चल रही है। हर कोई सच्चाई जानना चाहता है। यह किसी के प्रति किसी द्वेष या किसी राजनीति के कारण नहीं है। आम लोगों को लगता है कि इन जगहों के बारे में जितनी सच्चाई सामने आएगी उतनी ही देश को सही दिशा देने में मदद मिलेगी। इस दौरान आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने लोगों से अपनी जाति, समुदाय, क्षेत्र, धर्म और पार्टी से ऊपर उठने और ऐसे विवादों के बारे में सच्चाई सामने लाने में अदालत की मदद करने की अपील की। गौरतलब है कि इंद्रेश कुमार आरएसएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हैं। 


ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का हो रहा है सर्वेक्षण
गौरतलब है कि वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का अदालत द्वारा वीडियोग्राफी सर्वेक्षण कराया जा रहा है। सर्वेक्षण का काम रविवार को लगातार दूसरे दिन शांतिपूर्ण ढंग से किया गया। ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सर्वेक्षण का काम सोमवार को भी जारी रहेगा। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह मस्जिद प्रबंधन समिति की आपत्तियों के बीच सर्वेक्षण रोक दिया गया था। मस्जिद प्रबंधन समिति ने दावा किया था कि सर्वेक्षण के लिए अदालत द्वारा नियुक्त अधिवक्ता आयुक्त को परिसर के अंदर फिल्म बनाने का अधिकार नहीं था।

इससे पहले इस हफ्ते की शुरुआत में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच ने ताजमहल के 22 कमरों को खुलवाने की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया था। साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता को जमकर फटकार भी लगाई थी। इसके अलावा उच्च न्यायालय ने हाल ही में श्री कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में शीघ्र सुनवाई का निर्देश दिया था।

घाटी में कश्मीरी पंडितों की हत्या पर अब चुप क्यों हैं सियासी दल : इंद्रेश
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता इंद्रेश कुमार ने सोमवार को पूछा कि घाटी में कश्मीरी पंडितों की हत्याओं पर राजनीतिक दल चुप क्यों हैं? उन्होंने साथ ही घाटी के लोगों से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कश्मीरी पंडितों के साथ खड़े रहने का आह्वान किया।

कुमार ने कहा, कश्मीरी पंडितों का गुस्सा जायज है, लेकिन उससे ज्यादा गुस्सा इस बात पर है कि धर्म निरपेक्षता के नारे बुलंद करने वाले दलों ने चुप्पी साध रखी है। राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल और उद्धव ठाकरे जैसे नेता आखिर अब कुछ बोल क्यों नहीं रहे। 

ऐसा लगता है कि कश्मीरी पंडित इस देश के नागरिक नहीं हैं और उन पर हो रहे अत्याचार, हिंसा इनके लिए कोई मायने नहीं रखती। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार को घाटी से निकाले गए कश्मीरी पंडितों को वहां वापस लौटने में मदद करनी चाहिए। 

साथ ही मैं घाटी के स्थानीय लोगों से वहां पंडितों के साथ खड़े रहकर आतंकवाद से लड़ाई में मदद की अपील करता हूं। आरएसएस नेता ने कहा, जब तक कश्मीर आतंकवाद से मुक्त नहीं हो जाता तब तक देश की जनता शांत नहीं बैठेगी, कश्मीरी पंडितों के लिए आवाज उठाती रहेगी। 

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