{"_id":"6a27c0499c450166f90aef53","slug":"sukhendu-sekhar-ray-on-quitting-tmc-and-resigning-as-rajyasabha-mp-rg-kar-incident-helped-me-make-up-my-mind-2026-06-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"'TMC चोरों-दुष्कर्मियों की पार्टी': सुखेंदु शेखर रॉय बोले- आरजी कर कांड के बाद पार्टी छोड़ने का मन बना चुके थे","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
'TMC चोरों-दुष्कर्मियों की पार्टी': सुखेंदु शेखर रॉय बोले- आरजी कर कांड के बाद पार्टी छोड़ने का मन बना चुके थे
एएनआई, कोलकाता
Published by: Pavan
Updated Tue, 09 Jun 2026 12:57 PM IST
विज्ञापन
सार
बीते दिन तृणमूल कांग्रेस का दाम छोड़ने वाले पूर्व राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय टीएमसी पर हमलावर हैं। उन्होंने कहा कि आरजी कर कांड का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने तभी पार्टी छोड़ने का मन बना लिया था, लेकिन अगर मैं तब पार्टी छोड़ देता, तो कॉन्ट्रैक्ट किलर्स मेरी हत्या कर सकते थे।
सुखेंदु शेखर रॉय, पूर्व राज्यसभा सांसद
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
तृणमूल कांग्रेस छोड़ने और राज्यसभा सांसद के पद से इस्तीफा देने पर सुखेंदु शेखर रॉय ने कहा, 'यह चोरों और दुष्कर्मियों की पार्टी है... आरजी कर की घटना ने मुझे फैसला लेने में मदद की। अगर मैं तब पार्टी छोड़ देता, तो कॉन्ट्रैक्ट किलर्स मेरी हत्या कर सकते थे'। उन्होंने आगे कहा, 'जब आरजी कर की घटना हुई, तो लोग सड़कों पर उतर आए। मैंने अपने राजनीतिक करियर में ऐसा कुछ कभी नहीं देखा था, और मैंने इस बारे में आवाज उठाई। मैंने कहा कि इसमें शामिल सभी लोगों को फांसी दी जानी चाहिए, मैंने एक ट्वीट भी किया और विरोध प्रदर्शन में भी शामिल हुआ...तब मेरे ट्वीट के लिए मुझे तलब भी किया गया था'।
यह भी पढ़ें- तृणमूल में बगावत की चिंगारी: कई नेता 'पाला बदलने' को तैयार! ममता समर्थक नेताओं का सख्त संदेश, किसने-क्या कहा?
विज्ञापन
टीएमसी के शासन को बताया था अराजक
बीते दिन, सुखेंदु शेखर राय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा था, 'राज्य के इतिहास में पहली बार जनता ने भाजपा को भारी जनादेश दिया है, जिससे टीएमसी के 15 साल के अराजक शासन का अंत हो गया है। यह शासन व्यापक भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ अत्याचार, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, कानून व्यवस्था, रोजगार आदि क्षेत्रों में घोर विफलताओं के कारण पनपा था... जनता के इस ऐतिहासिक फैसले को सम्मानपूर्वक स्वीकार करते हुए, मैं इस्तीफा दे रहा हूं'।
आरजी कर कांड का भी किया था जिक्र
राज्यसभा सांसद पद और टीएमसी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद, सुखेंदु शेखर राय ने आरजी कर हत्याकांड और दुष्कर्म की घटना पर कहा था, 'सत्ता का नशा उनके (टीएमसी) सिर पर इस हद तक चढ़ गया था कि उन्हें लगता था कि दुनिया में कोई उन्हें छू नहीं सकता'।
यह भी पढ़ें- TMC Rift LIVE Updates: तृणमूल के निलंबित नेता संदीपन साहा का दावा- हमारे पास 58 MLA के साइन और दो तिहाई बहुमत
पार्टी के शासन काल की जमकर की थी आलोचना
उन्होंने कहा था कि राज्य की जनता ने पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को भारी जनादेश देकर टीएमसी के 15 साल के शासन को समाप्त करने का फैसला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी शासन के दौरान व्यापक भ्रष्टाचार, महिलाओं पर अत्याचार, स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली, उद्योगों की कमी, कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति और रोजगार के अवसरों की कमी जैसी समस्याएं लगातार बढ़ती रहीं।
VIDEO | Delhi: Sukhendu Sekhar Ray on quitting the TMC and resigning as Rajya Sabha MP, says, "A party of thieves, rapists... RG Kar incident helped me make up my mind. Had I quit then, could have been murdered by contract killers."#TMC #TrinamoolCongress
विज्ञापनविज्ञापन
(Full video available… pic.twitter.com/Cs8cBerWGx — Press Trust of India (@PTI_News) June 9, 2026
यह भी पढ़ें- तृणमूल में बगावत की चिंगारी: कई नेता 'पाला बदलने' को तैयार! ममता समर्थक नेताओं का सख्त संदेश, किसने-क्या कहा?
Trending Videos
टीएमसी के शासन को बताया था अराजक
बीते दिन, सुखेंदु शेखर राय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा था, 'राज्य के इतिहास में पहली बार जनता ने भाजपा को भारी जनादेश दिया है, जिससे टीएमसी के 15 साल के अराजक शासन का अंत हो गया है। यह शासन व्यापक भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ अत्याचार, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, कानून व्यवस्था, रोजगार आदि क्षेत्रों में घोर विफलताओं के कारण पनपा था... जनता के इस ऐतिहासिक फैसले को सम्मानपूर्वक स्वीकार करते हुए, मैं इस्तीफा दे रहा हूं'।
आरजी कर कांड का भी किया था जिक्र
राज्यसभा सांसद पद और टीएमसी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद, सुखेंदु शेखर राय ने आरजी कर हत्याकांड और दुष्कर्म की घटना पर कहा था, 'सत्ता का नशा उनके (टीएमसी) सिर पर इस हद तक चढ़ गया था कि उन्हें लगता था कि दुनिया में कोई उन्हें छू नहीं सकता'।
यह भी पढ़ें- TMC Rift LIVE Updates: तृणमूल के निलंबित नेता संदीपन साहा का दावा- हमारे पास 58 MLA के साइन और दो तिहाई बहुमत
पार्टी के शासन काल की जमकर की थी आलोचना
उन्होंने कहा था कि राज्य की जनता ने पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को भारी जनादेश देकर टीएमसी के 15 साल के शासन को समाप्त करने का फैसला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी शासन के दौरान व्यापक भ्रष्टाचार, महिलाओं पर अत्याचार, स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली, उद्योगों की कमी, कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति और रोजगार के अवसरों की कमी जैसी समस्याएं लगातार बढ़ती रहीं।