पश्चिम बंगाल: बाबुल सुप्रियो 19 को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर सांसद पद से देंगे इस्तीफा, टीएमसी में हो चुके हैं शामिल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Mon, 18 Oct 2021 06:16 AM IST

सार

बाबुल सुप्रियो 18 सितंबर को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल हुए थे। सुप्रियो ने पहले ही घोषणा की थी कि लोकसभा अध्यक्ष से मिलने के बाद वह इस्तीफा दे देंगे। सुप्रियो मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं।
बाबुल सुप्रियो (मध्य में)
बाबुल सुप्रियो (मध्य में) - फोटो : twitter.com/AITCofficial
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विस्तार

गायक से राजनेता बने बाबुल सुप्रियो पिछले महीने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल हो गए थे और अब खबर आ रही है कि वह मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर सांसद पद से इस्तीफा दे देंगे।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के मंगलवार को आसनसोल के सांसद पद से इस्तीफा देने की पूरी संभावना है। सुप्रियो ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सांसद के रूप में इस्तीफे की औपचारिकता पूरी करने के लिए लिखा था। इस पर उनको मंगलवार सुबह 11 बजे का समय दिया गया है। 

 

टीएमसी में शामिल होने के बाद किया था एलान
टीएमसी सूत्रों के मुताबिक, सुप्रियो मंगलवार सुबह दिल्ली के लिए रवाना होंगे और अपने इस्तीफे की औपचारिकताएं पूरी करेंगे। इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने के ठीक बाद सुप्रियो ने स्पष्ट कर दिया था कि वह सांसद पद पर नहीं रहेंगे, क्योंकि यह अनैतिक होगा। वह भाजपा के टिकट पर आसनसोल के सांसद चुने गए थे और वह अब भाजपा में नहीं हैं।

18 सितंबर को तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए सुप्रियो ने पहले घोषणा की थी कि अध्यक्ष से मिलने के बाद वह इस्तीफा दे देंगे। हालांकि कुछ उदाहरण ऐसे भी हैं कि सांसद और विधायक पार्टी छोड़ने के बाद भी अपना पद नहीं छोड़ते।

बाबुल 2014 और 2019 में दो बार आसनसोल संसदीय क्षेत्र से जीते। वह नरेंद्र मोदी मंत्रालय में केंद्रीय राज्यमंत्री भी बने, लेकिन उन्हें कैबिनेट फेरबदल में हटा दिया गया। उसके बाद उन्होंने रातों-रात राजनीति छोड़ने का एलान कर दिया और कुछ ही दिनों में वह टीएमसी में शामिल हो गए।


जुलाई में हटाए गए थे मंत्री पद से
जुलाई में केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल के दौरान हटाए जाने के बाद से नाराज चल रहे बाबुल ने 18 सितंबर को अचानक टीएमसी का दामन थाम लिया था। इस साल की शुरुआत में हुए बंगाल विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने बाबुल को कोलकाता की टालीगंज सीट से चुनावी मैदान में उतारा था, जहां उन्हें करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था। उसके बाद जुलाई में मोदी मंत्रिमंडल का हुए विस्तार में बाबुल को मंत्री पद से हटा दिया गया था।

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