Hindi News ›   India News ›   TMC MP Dinesh Trivedi resigns from Rajya Sabha, says ‘feeling suffocated’

इस्तीफा देते ही तृणमूल ने त्रिवेदी को किया किनारे, दिनेश बोले- 'टीएमसी सलाहकारों के सहारे चल रही'

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Tanuja Yadav Updated Fri, 12 Feb 2021 06:56 PM IST
दिनेश त्रिवेदी
दिनेश त्रिवेदी - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन
ख़बर सुनें

पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और टीएमसी के सांसद दिनेश त्रिवेदी राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बजट पर हो रही चर्चा के दौरान अपना इस्तीफा पेश किया। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने कहा, 'पार्टी में मुझे घुटन महसूस हो रही थी।' वहीं टीएमसी ने इसे लेकर कहा है कि त्रिवेदी का फैसला चौंकाने वाला है लेकिन पार्टी के लिए कोई झटका नहीं है।

विज्ञापन


तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता विवेक गुप्ता ने कहा कि इतना बड़ा फैसला करने से पहले त्रिवेदी को तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बातचीत करनी चाहिए थी। दिनेश त्रिवेदी के इस्तीफे की घोषणा के बाद विवेक गुप्ता ने संवाददाताओं से कहा, ‘दिनेश जी के खिलाफ मैं कुछ नहीं कहूंगा क्योंकि वह राजनीति में बहुत वरिष्ठ हैं, लेकिन उनके फैसले से हम स्तब्ध हैं।’


यह पूछे जाने पर क्या यह तृणमूल कांग्रेस के लिए झटका है तो उन्होंने कहा, ‘पार्टी के लिए झटका नहीं है। हम लोगों के लिए व्यक्तिगत झटका है क्योंकि उनके साथ कई साल तक काम किया और बहुत कुछ सीखा है।’ पूर्व सांसद गुप्ता के मुताबिक, ‘जहां तक मेरी जानकारी है कि उन्होंने दीदी से इस बारे में चर्चा नहीं की थी। उनको बात करनी चाहिए थी। अगर उनके इरादे कुछ और हैं तो बात अलग है।’

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘यह पहली बार सुनने में आया है कि उनको घुटन हो रही है। उनको पिछले चुनाव में बैरकपुर से अर्जुन सिंह ने हराया था। ऐसे में क्या वह भाजपा और अर्जुन सिंह द्वारा की गई हिंसा की ओर इशारा कर रहे हैं?’ गुप्ता ने कहा कि पार्टी ने त्रिवेदी को कई बार राज्यसभा भेजा, रेल मंत्री बनाया और पार्टी में पूरा मान-सम्मान दिया। ऐसे में उनको पार्टी से कोई शिकायत नहीं होनी चाहिए।

उधर, वरिष्ठ तृणमूल नेता और सांसद सौगत रॉय ने इस पर कहा कि वह (दिनेश त्रिवेदी) कभी जमीनी नेता नहीं थे। वह लोकसभा का चुनाव भी हार गए थे। रॉय ने कहा कि उनके इस्तीफे के बाद पार्टी के अन्य जमीनी कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। रॉय ने कहा कि यह हमारे लिए कोई झटका नहीं है। 

'मेरी आत्मा कहती है कि कुछ नहीं कर सकते तो इस्तीफा दे देना चाहिए'
इससे पहले दिनेश त्रिवेदी ने सदन में कहा था कि मेरे राज्य में लगातार हिंसा की घटना हो रही है, हम यहां कुछ भी नहीं बोल सकते। इसलिए मैं पार्टी से इस्तीफा दे रहा हूं। हालांकि उन्होंने आगे कहा कि मुझे घुटन महसूस हो रही है कि हम राज्य में हो रही हिंसा पर कुछ नहीं कर पा रहे हैं।

राज्यसभा में इस्तीफा देने के बाद टीएमसी सांसद दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि मेरी आत्मा मुझसे कहती है कि अगर आप यहां बैठकर कुछ नहीं कर सकते हैं तो आपको इस्तीफा दे देना चाहिए। मैं पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए काम करना जारी रखूंगा। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी में ऐसा कोई मंच नहीं था, जहां मैं अपनी आवाज उठा सकता था। मैंने बंगाल के साथ अन्याय किया होगा।

उन्होंने कहा कि हमारा इतिहास रहा है कि हमने हिंसा के खिलाफ बोला है। हम कहां बात करें किसी के पास समय नहीं है, जब पार्टी कॉर्पोरेट प्रोफेशनल्स के हाथ में चली जाती है, जिसको राजनीति का क ख नहीं पता वो हमारे नेता बन जाते हैं तो क्या करें। त्रिवेदी ने किसी अन्य पार्टी में जाने के सवाल पर कहा कि इस्तीफा देने के बाद मैं अब स्वतंत्र हूं। मैं अब राहत महसूस कर रहा हूं कि मैं दोषी नहीं हूं।

उन्होंने आगे कहा कि मैं अकेला नहीं हूं, अगर पार्टी में और लोगों से बात करोगे तो आपको पता चलेगा। हमने ममता बनर्जी को देखकर पार्टी में शामिल हुए लेकिन अब ये उनकी पार्टी नहीं रही।त्रिवेदी के इस्तीफे पर टीएमसी सांसद सुखेंदु एस रॉय ने कहा कि तृणमूल का मतलब है जमीनी स्तर पर। इससे हमें राज्यसभा में जमीनी स्तर के कार्यकर्ता को भेजने का मौका मिलेगा।
 




वहीं टीएमसी के लोकसभा सांसद सौगात रॉय ने कहा कि हमें नहीं पता था कि वह इस्तीफा देंगे। हालांकि, यह हमारे लिए कोई झटका नहीं है। वह जमीनी नेता नहीं थे क्योंकि वे लोकसभा चुनाव हार गए थे। ममता बनर्जी ने उन्हें राज्यसभा भेजा था। उन्होंने कहा कि तृणमूल का मतलब ही होता है  'जमीनी स्तर'। अब हमारी पार्टी किसी अन्य नेता को उभरने का मौका देगी।  

दिनेश त्रिवेदी की ओर से इस्तीफा देने के बाद ऐसा माना जा रहा है कि वो अगले कुछ दिनों में भाजपा में शामिल हो जाएंगे। त्रिवेदी ने आगे कहा कि वो अपनी पार्टी के आभारी हैं कि उन्होंने यहां तक भेजा। 

मनमोहन सरकार में रहे केंद्रीय मंत्री
दिनेश त्रिवेदी डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली केंद्र की संप्रग सरकार में 2010 से 2011 तक केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री तथा 2011 से 2012 तक रेल मंत्री रह चुके हैं। वे कांग्रेस, जनता दल में रहने के बाद ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए।

पार्टी का अब ममता बनर्जी से संबंधित नहीं है।
राज्यसभा से तृणमूल कांग्रेस के सांसद के रूप में इस्तीफा देने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस को एक सलाहकार द्वारा अपहृत किया गया है, जिसका वह नाम नहीं देना चाहते। साथ ही कहा कि पार्टी का अब ममता बनर्जी से संबंधित नहीं है।

बंगाल में राजनीतिक हिंसा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में हम जिस तरह की राजनीतिक हिंसा देखते हैं, वह शर्म की बात है। जेपी नड्डा पर हमला एक बात है लेकिन आम आदमी पर भी हमला हो रहा है। इसका अंत होना चाहिए।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें
सबसे तेज और बेहतर अनुभव के लिए चुनें अमर उजाला एप
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00