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'कुछ तो गैरत रखो': TMC के बागी सांसदों के गुट पर भड़के कीर्ति आजाद, बोला- इन गद्दारों को जाना हैं तो जाएं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Devesh Tripathi
Updated Tue, 09 Jun 2026 06:19 PM IST
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सार
तृणमूल कांग्रेस के 58 विधायकों की बगावत के बाद लगी विद्रोह की आग अब संसदीय दल तक पहुंच गई है। टीएमसी की नेता काकोली घोष ने दावा किया कि करीब 20 सांसदों ने एनडीए का समर्थन करने की बात कही है। इसे लेकर लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भी लिखा गया है। इसे लेकर अब टीएमसी अपने बागी सांसदों पर हमलावर हो गई है।
टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद फैली आंतरिक कलह खुलकर सामने आ चुकी है। तृणमूल कांग्रेस के संसदीय दल के बागी गुट के खिलाफ ममता बनर्जी की पार्टी के नेता लगातार हमलावर हैं। टीएमसी के लोकसभा सांसद कीर्ति आजाद बागी गुट का नेतृत्व कर रहीं काकोली घोष दस्तीदार पर मंगलवार को जमकर भड़के। कीर्ति आजाद ने कहा कि काकोली घोष और शर्मिला सरकार को 'दीदी' ने सांसद बनाया।
कीर्ति आजाद ने कहा कि शर्मिला सरकार जो सरकारी अस्पताल में डॉक्टर थी, पहली बार जीत कर आईं, उनके साथ क्या भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने कहा कि पहली बार संसद में आए हुए ये लोग, ये मुंह और मसूर की दाल। उन्होंने कहा कि काकोली घोष तीन-तीन, पांच-पांच चुनाव हार गई थीं। उनको ममता बनर्जी ने सांसद बनाया। काकोली घोष पर निशाना साधते हुए आजाद ने कहा कि वो संसद में नहीं आती थीं, इसलिए उन्हें मुख्य सचेतक पद से हटाया गया था।
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कीर्ति आजाद ने बताया काकोली घोष से क्यों छीना गया मुख्य सचेतक का पद?
टीएमसी सांसद ने आगे कहा कि मैं संसद में रहता था, कल्याण बनर्जी वहां रहते थे। तब व्हिप के जरिए पता चलता था कि कहां-क्या होगा। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ''काकोली घोष को मुख्य सचेतक बनाया गया तो वो संसद में ही नहीं आती थीं। फोन से ही निर्देश दे देती थीं।'' उन्होंने कहा कि अरे कुछ तो गैरत रखो।
कीर्ति आजाद ने काकोली घोष से मांग करते हुए कहा कि वो चिट्ठी सामने लाइए, जो लोकसभा अध्यक्ष को दी गई है। उन्होंने भाजपा नेता के साथ बैठक को लेकर कहा कि भूपेंद्र यादव के यहां आप लोग चाय-समोसा खा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि आप लोगों को भाजपा में जाना है, लेकिन आप लोग अलग गुट खड़ा नहीं कर सकते हैं।
कीर्ति आजाद ने बागी सांसदों को बताया गद्दार
टीएमसी नेता ने कहा कि ये संविधान में कानून बना हुआ है। आपको बताना होगा कि आपकी पार्टी का अध्यक्ष कौन है। आपको बताना होगा कि क्या आप चुनाव आयोग में पंजीकृत हैं। उन्होंने बागी गुट को चेतावनी देते हुए कहा कि इन गद्दारों को जाना है तो जाएं, लेकिन कभी तृणमूल कांग्रेस का नाम मत लेना।
शर्मिला सरकार ने पार्टी पर लगाए थे भ्रष्टाचार के आरोप
पार्टी की सांसद शर्मिला सरकार ने दावा किया है कि 20 सांसदों ने अपना एक अलग गुट बना लिया है। ये तृणमूल का ही गुट है, लेकिन इस पर ममता बनर्जी का कोई प्रभाव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी के कुछ नेताओं ने इतना भ्रष्टाचार किया है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी।
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काकोली घोष ने किया था एनडीए के समर्थन का एलान
एक दिन पहले काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में टीएमसी के करीब 20 बागी सांसदों ने एनडीए का समर्थन करने का एलान किया था। काकोली घोष ने कहा था कि हम टीएमसी के सांसद के तौर पर ही रहेंगे, लेकिन ममता बनर्जी की छाया से पूरी तरह अलग होकर। उन्होंने पार्टी पर आरोप लगाया था कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह से जमीन से कट गया था।
कीर्ति आजाद ने कहा कि शर्मिला सरकार जो सरकारी अस्पताल में डॉक्टर थी, पहली बार जीत कर आईं, उनके साथ क्या भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने कहा कि पहली बार संसद में आए हुए ये लोग, ये मुंह और मसूर की दाल। उन्होंने कहा कि काकोली घोष तीन-तीन, पांच-पांच चुनाव हार गई थीं। उनको ममता बनर्जी ने सांसद बनाया। काकोली घोष पर निशाना साधते हुए आजाद ने कहा कि वो संसद में नहीं आती थीं, इसलिए उन्हें मुख्य सचेतक पद से हटाया गया था।
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कीर्ति आजाद ने बताया काकोली घोष से क्यों छीना गया मुख्य सचेतक का पद?
टीएमसी सांसद ने आगे कहा कि मैं संसद में रहता था, कल्याण बनर्जी वहां रहते थे। तब व्हिप के जरिए पता चलता था कि कहां-क्या होगा। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ''काकोली घोष को मुख्य सचेतक बनाया गया तो वो संसद में ही नहीं आती थीं। फोन से ही निर्देश दे देती थीं।'' उन्होंने कहा कि अरे कुछ तो गैरत रखो।
कीर्ति आजाद ने काकोली घोष से मांग करते हुए कहा कि वो चिट्ठी सामने लाइए, जो लोकसभा अध्यक्ष को दी गई है। उन्होंने भाजपा नेता के साथ बैठक को लेकर कहा कि भूपेंद्र यादव के यहां आप लोग चाय-समोसा खा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि आप लोगों को भाजपा में जाना है, लेकिन आप लोग अलग गुट खड़ा नहीं कर सकते हैं।
कीर्ति आजाद ने बागी सांसदों को बताया गद्दार
टीएमसी नेता ने कहा कि ये संविधान में कानून बना हुआ है। आपको बताना होगा कि आपकी पार्टी का अध्यक्ष कौन है। आपको बताना होगा कि क्या आप चुनाव आयोग में पंजीकृत हैं। उन्होंने बागी गुट को चेतावनी देते हुए कहा कि इन गद्दारों को जाना है तो जाएं, लेकिन कभी तृणमूल कांग्रेस का नाम मत लेना।
शर्मिला सरकार ने पार्टी पर लगाए थे भ्रष्टाचार के आरोप
पार्टी की सांसद शर्मिला सरकार ने दावा किया है कि 20 सांसदों ने अपना एक अलग गुट बना लिया है। ये तृणमूल का ही गुट है, लेकिन इस पर ममता बनर्जी का कोई प्रभाव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी के कुछ नेताओं ने इतना भ्रष्टाचार किया है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी।
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काकोली घोष ने किया था एनडीए के समर्थन का एलान
एक दिन पहले काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में टीएमसी के करीब 20 बागी सांसदों ने एनडीए का समर्थन करने का एलान किया था। काकोली घोष ने कहा था कि हम टीएमसी के सांसद के तौर पर ही रहेंगे, लेकिन ममता बनर्जी की छाया से पूरी तरह अलग होकर। उन्होंने पार्टी पर आरोप लगाया था कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह से जमीन से कट गया था।