लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

विज्ञापन
Hindi News ›   India News ›   US Expresses Concern Over Russian Origin Of Fuel Shipped To US Via India

असमंजस: भारतीय जहाज से रूसी तेल पहुंचने पर अमेरिका चिंतित, भारत ने अभी नहीं दिया कोई जवाब

एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Sun, 14 Aug 2022 05:47 AM IST
सार

रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर माइकल पात्रा ने कहा कि अमेरिकी राजस्व विभाग ने भारत को बताया है कि एक भारतीय जहाज ने बीच समुद्र में एक रूसी टैंकर से कच्चा तेल लादा और उसे गुजरात लेकर गया। यहां उसे शोधित कर उसे न्यूयॉर्क भेज दिया गया। इस दौरान यह जानकारी छिपा ली गई कि कच्चा तेल रूस से लिया गया है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के डिप्टी गवर्नर माइकल पात्रा।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के डिप्टी गवर्नर माइकल पात्रा। - फोटो : PTI
ख़बर सुनें

विस्तार

अमेरिका ने भारत से इस बात को लेकर चिंता जताई है कि रूस के कच्चे तेल को भारत में शोधित किया जा रहा है और कच्चे तेल के मूल स्रोत की जानकारी को छिपाकर इसे अमेरिका भेजा जा रहा है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के डिप्टी गवर्नर माइकल पात्रा ने आजादी की 75वीं वर्षगांठ के दौरान आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी दी।



उन्होंने कहा कि अमेरिकी राजस्व विभाग ने भारत को बताया है कि एक भारतीय जहाज ने बीच समुद्र में एक रूसी टैंकर से कच्चा तेल लादा और उसे गुजरात लेकर गया। यहां उसे शोधित कर उसे न्यूयॉर्क भेज दिया गया। अमेरिका भेजने के दौरान इस बात की जानकारी छिपा ली गई कि कच्चा तेल रूस से लिया गया है। ऐसा अमेरिकी प्रतिबंध से बचने के लिए किया गया क्योंकि अमेरिका ने रूस से तेल आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। पात्रा ने कहा कि युद्ध इसी तरह काम करता है। पात्रा के इस खुलासे पर नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने कोई टिप्पणी नहीं की है। पात्रा की यह टिप्पणी इस बारे में अमेरिकी चिंता के बारे में किसी अधिकारी का पहला बयान है।


यूरोप के सबसे बड़े परमाणु पावर प्लांट पर फिर गोलाबारी
यूरोप के सबसे बड़े यूक्रेन के जैपोरिझिया स्थित परमाणु पावर प्लांट पर शनिवार को फिर से गोलाबारी हुई। इस पावर प्लांट पर रूस का कब्जा है। यूक्रेन और रूस दोनों ने ही एक-दूसरे को इस बिजलीघर पर हमले का जिम्मेदार ठहराया है। शुक्रवार को रूस की ओर से बुलाई गई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की बैठक में इस पावर प्लांट पर खतरे के प्रति विशेषज्ञों ने गंभीर चिंता जताई थी। यहां से रेडिएशन फैला तो वह पूर्वी यूरोप को चपेट में ले सकता है। इस बीच, रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी फौजों ने दोनेस्क के बाहर स्थित पिस्की गांव पर पूरा नियंत्रण कर लिया है। 

यूक्रेन का रूस पर दवा आपूर्ति बाधित करने का आरोप
यूक्रेन के स्वास्थ्य मंत्री विक्टर लियाश्को ने रूस पर उसके कब्जे वाले क्षेत्रों में किफायती दवाओं की आपूर्ति बाधित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने इसे मानवता के खिलाफ अपराध करार दिया। 

विक्टर लियाश्को ने एक साक्षात्कार में कहा, रूसी अधिकारियों ने कब्जे वाले शहरों, कस्बों व गांवों में लोगों को सरकार की सब्सिडी वाली दवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों को अवरुद्ध किया है। युद्ध के पूरे छह महीनों के दौरान रूस ने मानवीय गलियारों को अनुमति नहीं दी, जिससे हम जरूरतमंद रोगियों को दवा उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। उन्होंने कहा, हम मानते हैं कि ये कदम जानबूझ कर उठाया जा रहा है जो मानवता के खिलाफ अपराध है। बता दें, यूक्रेन की सरकार एक विशेष कार्यक्रम के तहत कैंसर और अन्य जटिल रोगों से जूझ रहे लोगों को दवाएं प्रदान करती है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00