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Weather Updates: ओडिशा से लेकर महाराष्ट्र तक उफान पर नदियां, बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी,  कुछ राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी

अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Tue, 14 Sep 2021 01:18 AM IST

सार

राजकोट में बारिश से शिक्षण संस्थान को कलेक्टर ने किया बंद। दिल्ली में मकान ढहने से मलबे में दबकर दो बच्चों ने तोड़ा दम, तो ओडिशा में भारी बारिश को देख बाढ़ का अलर्ट किया गया जारी। तीन इंच की बारिश में ही जलमग्न हुआ वडोदरा का अधिकतर हिस्सा।
 
भारी बारिश (सांकेतिक तस्वीर)
भारी बारिश (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

गुजरात, महाराष्ट्र और ओडिशा में आसमान से बारिश आफत बरसा रही है। गुजरात के राजकोट और जामनगर में भारी बारिश से पहली मंजिल तक मकान डूब गए हैं। राजकोट में स्कूल- कॉलेज बंद हैं। दिल्ली में भी बरिश से सोमवार को सब्जी मंडी क्षेत्र में एक घर गिर गया जिसमें दबकर दो बच्चों की मौत हो गई। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में बारिश ने 63 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। केंद्रपारा जिले में दीवार ढहने से दो लोगों की मौत हुई है। राजस्थान के दस जिलों में तेज बारिश की आशंका में अलर्ट जारी किया गया है।



गुजरात के राजकोट और जामनगर में रविवार रात से हो रही भारी बारिश के कारण मकानों की पहली मंजिल तक पानी चढ़ गया है। राजकोट के कलेक्टर अरुण महेश ने भारी बारिश के कारण बढ़ते जलस्तर को देख स्कूल और कॉलेजों को एक दिन के लिए बंद कर दिया गया है।




जिले के धोराजी, पडाहरी, और गोंडल तालुका में लगातार बारिश और जलभराव के चलते आम जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है। वहीं जामनगर के खिमराना गांव का बाढ़ के कारण जिले से संपर्क टूट गया है जबकि अलियाबादा गांव में भी कमर तक पानी भरने से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के बढ़ते जल स्तर के कारण कलवाड़ और ध्रोल तालुका में भी जनजीवन पूरी तरह ठप पड़ा है। वडोदरा में तीन इंच की बारिश से शहर का अधिकतर हिस्सा जलमग्न हो गया।

ओडिशा: भुवनेश्वर में 195 मिमी बारिश
ओडिशा में भी मौसम विभाग ने बारिश के रौद्र रूप को देख बाढ़ के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार सुबह साढ़े आठ बजे तक बीते 24 घंटे में भुवनेश्वर में 195 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण भुवनेश्वर के कई हिस्सों में जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार 63 साल में पहली बार इतनी अधिक बारिश हुई है। इससे पहले नौ सितंबर, 1958 को भुवनेश्वर में 163 मिमी. बारिश रिकॉर्ड हुई थी।

नदियों का जलस्तर बढ़ने से खतरा बढ़ा
भुवनेश्वर के विशेष राहत आयुक्त कार्यालय ने बताया कि उत्तर पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में गहरा दबाव बन रहा है। इस कारण भारी बारिश की आशंका है जिस कारण बाढ़ की स्थिति बन सकती है। वहीं मौसम विभाग ने संबलपुर, देवगढ़, अंगुल, सोनेपुर और बारगढ़ के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया है। वहीं केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि बारिश के कारण  ब्राह्मणी समेत कई नदियों का जल स्तर बढ़ रहा है। ऐसे में बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है।

महाराष्ट्र गोदावरी नदी का जल स्तर बढ़ा
गोदावरी नदी में भारी बारिश के चलते जलस्तर बढ़ने लगा है। नासिक जिले में भारी बारिश के कारण नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से नदी के आसपास के क्षेत्रों में न जाने की अपील की है। मौसम विभाग का कहना है कि नदी का जल स्तर जिस तरह से बढ़ रहा है उस अनुसार बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य की तैयारी भी शुरू कर दी है। महाराष्ट्र में कई और स्थानों पर नदियां उफना रही हैं जो खतरे की घंटी है।

मुंबई, उपनगरों में मध्यम बारिश की संभावना 
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अगले 24 घंटों में मुंबई शहर और उसके उपनगरों में मध्यम बारिश की संभावना है। इसके महाराष्ट्र के अलग-अलग भागों में भारी बारिश के आसार हैं।  

आईएमडी ने अपनी भविष्यवाणी में कहा कि अगले 48 घंटों के लिये मुंबई और उसके उपनगरों के लिये अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों में मध्य मुंबई में औसत बारिश 67.85 मिमी हुई है। जबकि पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों में क्रमश: 74.51 मिमी और 75.91 मिमी वर्षा हुई। आईएमडी का कहना है कि इस वर्ष मुंबई में बारिश सामान्य से 18.75 मिमी कम हुई है। जबकि पूर्वी और पश्चिमी उपनगरी हिस्सों में औसत बारिश क्रमश : 12.1 मिमी और 10.96 मिमी कम हुई।

जम्मू-कश्मीर: बारिश के पानी में बही महिला
राजौरी के अंदरूथ गांव में एक महिला बारिश के पानी में बह गई। पुलिस ने बताया कि बारिश के पानी में बही महिला की पहचान रूखसाना कौसर (32) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि शनिवार को महिला एक पुल पार कर रही थी इसी दौरान वो पानी के तेज बहाव में बह गई जिसका अब तक सुराग नहीं लगा है। पुलिस और गोताखोरों की टीमें महिला की तलाश में जुटी हुई हैं, पर अब तक कोई कामयाबी नहीं मिली है।

यहां अगले कुछ दिन मूसलाधार बारिश
भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि ओडिशा, छत्तीसगढ़ के साथ गुजरात और मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों में भारी बारिश होगी। इसी तरह अगले तीन-चार दिनों तक उत्तरी कोणकण, उत्तर मध्य महाराष्ट्र, पूर्वी राजस्थान और मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश होगी। कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल में अगले दो दिन तक तेज बारिश की संभावना है। हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी यूपी में 16 सितंबर से भारी बारिश होगी। देश के अधिकतर हिस्सों में भी अगले पांच दिन तक बारिश हो सकती है।

सीएम ने दिया था एयरलिफ्ट का निर्देश
गुजरात के नए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य के सौराष्ट्र क्षेत्र में बाढ़ के हालात को लेकर सोमवार को उच्च स्तरीय बैठक की और लोगों को एयर लिफ्ट करने का निर्देश दिया। शपथ लेने से पहले ही उन्होंने तीन गांवों में बाढ़ के बीच फंसे 35 लोगों को एयरलिफ्ट करने का निर्देश दिया था।

राजकोट में भारी बारिश, राहत-बचाव अभियान के लिए नौसेना, वायुसेना से मांगी मदद
गुजरात के राजकोट में अधिकारियों ने सोमवार को भारतीय वायुसेना और नौसेना से मदद मांगी। दिन में हुई भारी बारिश से जिले का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई और 2,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया। अधिकारियों ने कहा कि शहर के कई हिस्से पानी में डूब गए हैं और अजी नदी के उफान पर होने के कारण निचले इलाकों से कम से कम 200 लोगों को निकालने की तत्काल जरूरत है।

यहां लोधिका तालुका में सोमवार को सुबह छङ बजे तक 12 घंटे की अवधि में 504 मिलीमीटर बारिश हुई, जो राज्य में सबसे अधिक है। इस अवधि के दौरान भारी बारिश वाले अन्य क्षेत्रों में राजकोट तालुका (323 मिमी), धोराजी (208 मिमी), कोटदासंगनी (190 मिमी), पदधारी (170 मिमी), गोंडल (166 मिमी), जामखंडोर्न (131 मिमी) और उपलेटा (92 मिमी) थे।

साफ मौसम में सिलीगुड़ी से दिखा बर्फ से ढके कंचनजंगा का नजारा 
सिलीगुड़ी में आसमान साफ होने के कारण मैदानी इलाकों से पर्यटकों ने बर्फ से ढके भारत के सबसे ऊंचे पर्वत कंचनजंगा का नजारा देखा। यह अद्भुत दृश्य देखकर पर्यटकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। यह नजारा सिलीगुड़ी के साथ-साथ जलपाईगुड़ी और उत्तरी बंगाल के अन्य हिस्सों से भी देखने को मिला। कंचनजंगा का यह नजारा दूर से देखने में भगवान बुद्ध की लेटी हुई आकृति जैसा लगता है, इसलिए इसे स्थानीय लोग ‘स्लीपिंग बुद्धा’ भी कहते है।

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