सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   Government under fire over employment policy and recruitment in jharkhand opposition gains major issue

Jharkhand: 25 साल बाद भी रोजगार का इंतजार! हजारों पदों खाली; सरकार की धीमी चाल पर बरसा विपक्ष

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: राँची ब्यूरो Updated Tue, 09 Jun 2026 03:50 PM IST
विज्ञापन
सार

Ranchi: झारखंड में रोजगार, स्थानीय नियोजन नीति और लंबित नियुक्तियों को लेकर युवाओं का असंतोष बढ़ता जा रहा है। अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी और स्पष्ट भर्ती कैलेंडर की मांग कर रहे हैं। विपक्ष ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है, जबकि सरकार का दावा है कि कई नियुक्तियां अंतिम चरण में हैं और जल्द ही युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।

Government under fire over employment policy and recruitment in jharkhand opposition gains major issue
झारखंड मंत्रालय - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार

झारखंड राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के बावजूद स्थानीय नियोजन नीति और रोजगार के मुद्दे पर सरकार लगातार सवालों के घेरे में है। राज्य के युवाओं, छात्र संगठनों और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों ने लंबित नियुक्तियों और रिक्त पदों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस मुद्दे ने एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस को तेज कर दिया है।



खाली पद हजारों, भर्ती की रफ्तार पर उठ रहे सवाल
राजधानी रांची समेत कई जिलों में युवाओं ने भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी लाने और स्पष्ट भर्ती कैलेंडर जारी करने की मांग की है। अभ्यर्थियों का कहना है कि विभिन्न विभागों में हजारों पद खाली पड़े हैं, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है। कई परीक्षाओं के परिणाम अब तक लंबित हैं, जबकि कई भर्तियां प्रशासनिक और कानूनी कारणों से अटकी हुई हैं। इससे वर्षों से तैयारी कर रहे युवाओं में निराशा और असंतोष बढ़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


युवाओं की चेतावनी, वादे पूरे नहीं हुए तो तेज होगा आंदोलन
युवा संगठनों का आरोप है कि सरकार ने रोजगार और नियुक्तियों को लेकर जो वादे किए थे, वे अब तक पूरी तरह धरातल पर नहीं उतर पाए हैं। उनका कहना है कि यदि समयबद्ध तरीके से रिक्त पदों को नहीं भरा गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रियाओं में लगातार देरी के कारण उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। वे पारदर्शी और निश्चित भर्ती कैलेंडर की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन


रोजगार बना सियासी हथियार, विपक्ष ने सरकार को घेरा
रोजगार के मुद्दे पर विपक्ष को भी सरकार को घेरने का मौका मिल गया है। भाजपा समेत अन्य विपक्षी दल सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि चुनाव के दौरान युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार देने के वादे किए गए थे, लेकिन अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए हैं। आने वाले चुनावों में रोजगार का मुद्दा प्रमुख राजनीतिक विषय बन सकता है।

ये भी पढ़ें; राज्यसभा चुनाव में करोड़पतियों की टक्कर! परिमल नाथवानी ने सबको छोड़ा पीछे, जानिए किसके पास कितनी दौलत?

सरकार का दावा, कई नियुक्तियां अंतिम चरण में
वहीं सरकार का पक्ष है कि विभिन्न विभागों में नियुक्ति प्रक्रियाएं जारी हैं और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि कई भर्तियां अंतिम चरण में हैं और जल्द ही नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। हालांकि युवाओं और विपक्ष की बढ़ती नाराजगी के बीच रोजगार का मुद्दा राज्य की राजनीति में फिर केंद्र में आ गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed