नारी जीवन की प्रत्येक अवस्था के बहुतेरे रंगों को समेटे हुए है डाॅ सीमा त्रिपाठी का काव्य संग्रह- "अनकही अभिव्यक्ति"

नारी जीवन की प्रत्येक अवस्था के बहुतेरे रंगों को समेटे हुए है डाॅ सीमा त्रिपाठी का काव्य संग्रह- "अनकही अभिव्यक्ति"
                
                                                             
                            कविता विचारों या तथ्यों की नहीं बल्कि अनुभूति की धरोहर है। चेतनाशून्यता निष्प्राणता का प्रतीक है। मनुष्य चेतन जगत का सर्वश्रेष्ठ प्राणी है। हृदय के उद्गार व मनोभाव ही उसे श्रेष्ठ बनाते हैं। दुख, दर्द, क्षमा, प्रेम,सहानुभूति, विवेक आदि की उपस्थिति ही उसे 'इंसान' कहलाने का गौरव देती है और इन्हीं अनगिनत भावों को जाने-अनजाने शब्दों में उड़ेल देने से जो कुछ रचित होता है वही कविता है।
                                                                     
                            
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6 months ago

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