कोई फ़रियाद तिरे दिल में दबी हो जैसे: फ़ैज़ अनवर

कोई फ़रियाद तिरे दिल में दबी हो जैसे: फ़ैज़ अनवर
                
                                                             
                            कोई फ़रियाद तिरे दिल में दबी हो जैसे 
                                                                     
                            
तू ने आँखों से कोई बात कही हो जैसे 

जागते जागते इक उम्र कटी हो जैसे 
जान बाक़ी है मगर साँस रुकी हो जैसे 

हर मुलाक़ात पे महसूस यही होता है 
मुझ से कुछ तेरी नज़र पूछ रही हो जैसे  आगे पढ़ें

6 months ago

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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