ज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा, क़ाफ़िला साथ और सफ़र तन्हा: गुलज़ार

gulzar
                
                                                             
                            ज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा 
                                                                     
                            
क़ाफ़िला साथ और सफ़र तन्हा 

अपने साए से चौंक जाते हैं 
उम्र गुज़री है इस क़दर तन्हा 

रात भर बातें करते हैं तारे 
रात काटे कोई किधर तन्हा  आगे पढ़ें

6 months ago

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