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Rakesh Mishra Poetry: अगर आप नदी हैं तो नहीं पता कितनी दूर है समुद्र 

कविता
                
                                                                                        
अगर आप नदी हैं तो 
नहीं पता कितनी दूर है समुद्र 

अगर प्रकाश हैं तो 
अनजान हैं दूसरी तरफ़ के अंधेरे से 

अगर अकेले हैं तो 
आने वाले को नहीं जानते 

अगर नींद हैं तो 
स्वप्न आपके बस में नहीं 

अगर सुबह हैं तो 
होते रहना आपकी नियति है 

और अगर सुन्दर हैं तो 
कई पिंजड़े हैं आपके आसपास ।

राकेश मिश्र की फेसबुक वाल से साभार
4 months ago

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