आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

चकबस्त की वह मशहूर ग़ज़ल जो भगत सिंह को बहुत प्रिय थी

उर्दू अदब
                
                                                                                 
                            यह ग़ज़ल भगत सिंह को बहुत प्रिय थी, इसका पहला ही मिसरा उन्होंने अपने भाई को लिखे हुए अंतिम पत्र में उद्धृत किया है। यह ग़ज़ल है चकबस्त ब्रिज नारायण की। 
                                                                                                


उन्हें ये फ़िक्र है हर दम नई तर्ज़-ए-जफ़ा क्या है 
हमें ये शौक़ है देखें सितम की इंतिहा क्या है 

गुनह-गारों में शामिल हैं गुनाहों से नहीं वाक़िफ़ 
सज़ा को जानते हैं हम ख़ुदा जाने ख़ता क्या है 

आगे पढ़ें

2 months ago

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X