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फूलों सा व्यवहार करो

                
                                                                                 
                            घृणा के काँटे ना चुभाओ
                                                                                                

फूलों सा व्यवहार करो

अपना हो या पराया हो
हर अतिथि का सत्कार करो

यदि बड़ा बनना है तो
अपना हृदय बड़ा करो

अपना हित बाद में सोचो
पहले जग का भला करो

जीवन सफल तभी होगा
तुम सदा परोपकार करो

घृणा के काँटे न चुभाओ
फूलों सा व्यवहार करो
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2 months ago

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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