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बिखर जाता हूं

                
                                                                                 
                            तू जो देखे मुझे मैं निखर जाता हूं|
                                                                                                

चांद बनकर जहां में बिखर जाता हूं|

यार जाना कहां है पता था मुझे,
जान ख़ुशबू से तेरी ठहर जाता हूं|

इश्क़ कहता है चाहत से थामो मुझे,
स्याहियों सी कलम की बिखर जाता हूं|

जिस्म से तो हवाएं गुजरती थी तब,
सांसे ख़ुशबू हो तेरी संवर जाता हूं|

प्यार मुझसे ये बोला कि देखो 'शुभम',
दिल के पत्थर मिले हैं जिधर जाता हूं|


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2 years ago

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