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मर जाते हैं

                
                                                                                 
                            आज बुझ के वो फिर कल संवर जाते हैं,
                                                                                                

इश्क़ में जिनके परवाने मर जाते हैं|

उनके ख़ुशबू से राहों में मिलते हैं हम,
हुस्न वो जो बगल से गुजर जाते हैं|

खून से ख़त लिखो पर लिखे हाथ पे,
नाम तो मेहंदियो से मगर जाते हैं|

बात ये है कि नज़रों के ही सामने,
चोरियां दिल की चुपचाप कर जाते हैं|

भूलकर मुझको वो जो जिये जा रहे,
याद कर के उन्हें हम तो मर जाते हैं|

देखकर बहके कोई न दिलदार को,
जो भी जाते हैं वो बेनज़र जाते हैं|


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2 years ago

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