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मिट्टी मे नहाया जा रहा

                
                                                                                 
                            हाथों मे खिलौना न उठाया जा रहा है,
                                                                                                

मुठ्ठी मे मिट्टी को दबाया जा रहा है|

देने को दुआ ही माँ के पास बची है,
बेटे का किसी जंग पे जाया जा रहा है|

उसका कोई बेटा तो शहीद हुआ है,
आँखों को रोकर  जलाया जा रहा है|

ये माँ इधर खड़ी है वो माँ उधर खड़ी है,
एक वन्दे माँ जुबां पे भी लाया जा रहा है|

झंडे की हिफाजत तो किसी वीर ने किया,
फिर मौत पे गैरों के झुकाया जा रहा है|

फिर जंग की शायद तैयारी हो रही है,
मिट्टी मे वतन के जो नहाया जा रहा है|

एक वक्त वतन के लिए आया गया था,
एक वक्त वतन से ही जाया जा रहा है|
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1 year ago

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