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प्यार निभाये कोई

                
                                                                                 
                            पास रहकर ही संगति निभाये कोई|
                                                                                                

दूर रहकर दुआ ही बनाये कोई|

दूर रहकर तुम्हें ऐसे चाहे कोई,
खोलकर आंखे रातें बिताये कोई|

प्यार करते हैं तुमको सनम जिस तरह,
प्यार करके हमें भी बताये कोई|

इश्क़ करते गये मात मिलते गये,
आशिक़ी में किसे आजमाये कोई|

आ रही है ये ख़ुशबू कि जैसे कहीं,
जुल्फ़ फैला के पानी सुखाये कोई|

रंग ढल जाएगा बू भी उड़ जाएगी,
फूल से क्यों कहीं दिल लगाये कोई|

फिर ये पूछा मेरे पास आते हो क्यों,
फूल महके तो भौंरा न आये कोई|

हाथ पे हाथ रखकर ये बोले 'शुभम',
इश्क़ में दिल कहां तक दुखाये कोई|


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2 years ago

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