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साजिश साफ हो जाएगा

                
                                                                                 
                            उसकी गली में हर गुनाह माफ हो जाएगा,
                                                                                                

बख्शो गुनहगारों को इंसाफ हो जाएगा|

मैं कैसा हूँ ये बात मुझे वो बताता है,
खुद को देख लूँ तो वो खिलाफ हो जाएगा|

ऐसा इश्क करो कि मुकम्मल ही हो जाए,
वरना दिल फटा पुराना लिहाफ हो जाएगा|

साजिश होगी बारिश की तुमको मिटाने की,
इसके बाद आसमान साफ हो जाएगा|

- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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1 year ago

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