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नींद नहीं आती

                
                                                                                 
                            एक बात कहनी थी कहीं नहीं जाती
                                                                                                

तुम कैसे सो जाती हो मुझे नींद क्यों नहीं आती
पूनम का चांद जब तुम्हारी छत पर है
मेरे आंगन में उसकी की रौशनी क्यों नहीं आती

क्यों मुझे जगा के तुम ऐसे सो जाती हो
क्यों बादल के पीछे का चांद हो जाती हो
दिए कि एक छोटी सी लौ के सहारे रात काटता हूं मै
तुम सितारों के नीचे सो जाती हो , जुगनुओ से अपना गम बाटता हूं मै

जब भी आंखें बंद करता हू, सोने की कोशिश करता हूं
तुम्हारे पलको पे खड़ा ख्वाबों मै संग होने की कोशिश करता हूं
सपनो में तुमसे मिला तुमसे मिलके खोने की कोशिश करता हूं
ना जाने किस किस बहाने तुम्हे जगाने की कोशिश करता हूं
 
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8 months ago

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