अनकहा दर्द

                
                                                             
                            किससे कहूं कि मेरे हाथों में तेरा हाथ नहीं है
                                                                     
                            
सबने देखा है मुझे तेरे साथ चलते हुए।
किससे कहूं कि मुझे तुमसे मोहब्बत नही है
सबने देखा है मुझे तेरी बाहों में झूलते हुए।
किससे कहूं कि मेरी तन्हाई में तुम नहीं हो
सबने देखा है मेरी महफ़िल में तुम्हें गाते हुए।
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7 months ago

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