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दरकार रौशनी की हमको रही कू- ब-कू, हर -सू, हर-वक़्त

                
                                                                                 
                            चराग जल गए वक़्त बे-वक़्त
                                                                                                

चराग बुझ गए वक़्त बे-वक़्त

दरकार रौशनीकी हमको रही
कू- ब-कू, हर -सू, हर-वक़्त

© 'बशर' بشر
 
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1 month ago

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