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मेरे अल्फाज

                
                                                                                 
                            कितने सुरीले रागों से जिंदगी की महफिल सजा दी तुमने,
                                                                                                

मेरे राग में अपना राग मिलाके गीत नया बुनती गई जो तू,
हरसंग मौला था मैं तू जिम्मेदार बनकर जीना सिखा गई,
बिखरे मोती सा अलग अलग मैं धागे में प्यार के पिरो गई !
 
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3 months ago

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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