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मेरे अल्फाज - आकस्मिक

                
                                                                                 
                            जिंदगी की रफ्तार है, आकस्मिक ही बदल जाती है,
                                                                                                

कभी तेज तर्रार हवा सी, कभी धीमी चलती जाती है,
भरवसा कहाँ है साँसो का भी कब अचानक ब्रेक लगे,
हसती गाती जिंदगी अकस्मात ही मौत के आगोश में
सकुन ढूँढेे।

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3 months ago

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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