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मेरे अल्फाज- काल

                
                                                                                 
                            काल के हाथों में हर एक इन्सान की डोर है,
                                                                                                

कभी अपनों से दूर तो खिंची अपनी ओर है,
बंदिशे भी है काल, तो मुक्ती का व्दार है वह,
काल ही है जिसके इशारों चले ये दुनिया है!

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3 months ago

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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