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मेरी तलाश अधूरी रह गई

                
                                                                                 
                            जिंदगी दे गई दगा मुझको मेरी हर आस अधूरी रह गई,
                                                                                                

कर दिया मजबूर इतना मेरी प्यास अधूरी रह गई,
मैं सोचता रह गया यह हरा कर चली गई
मुझे दुखों के भंवर में फंसा कर चली गई,
किनारे तक पहुंचने की कोशिशें हजार की,
यह बीच मझधार में फंसा कर चली गई,
मुकम्मल ना हुई तलाश मेरी चारों तरफ उदासी रह गई,
मेरी तलाश अधूरी रह गई, मेरी तलाश...........
मेरी आशाओं, अभिलाषाओं को खत्म कर दिया,
तड़पन जिंदगी की धुआं ही हो होकर रह गई,
सन्नाटे, खामोशी सा आलम हो गया,
देह मेरी मिट्टी में सिमट कर रह गई,
कौनो में भी धुएं का वास हो गया,
आग में जलकर मैं खाक हो गया,
जिंदगी को समझने की गलती कर बैठा,
इसलिए.....
तलाश अधूरी रह गई,
मेरी हर आस अधूरी रह गई…

सीमा सूद

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4 months ago

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