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तनहाई

                
                                                                                 
                            तनहाई में हम अकेले हो गए,
                                                                                                

चारों तरफ दुखों के मेले हो गए,

परछाइयों ने हमको हमदर्द बना लिया,
दुखों ने भी अपना जाल चारों और फैला लिया,
एकांत में जीने की अब तो आदत हो गई है,
हर दर्द को पीने की अब तो आदत हो गई है।।

सीमा सूद
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2 months ago

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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