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हसीन गिरह में उलझी

                
                                                                                 
                            खता तेरी, तेरे बेपनाह हुस्न की,
                                                                                                

खता मेरी, मेरे बेपरवाह इश्क की,
ताउम्र इस हसीन गिरह में उलझी,
मंज़र बसर गई जिंदगी तिरी-मिरी।
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1 month ago

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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