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धैर्य आ गया

                
                                                                                 
                            कल तुमको स्पर्श करके पा गया।
                                                                                                

व्याकुल हृदय को धैर्य आ गया।
दिल तुम्हारा भी अधीर होते देखा।
सीने से लगाया करार आ गया।
कुछ अनकहे से शब्द बुदबुदाये।
भ्रम जाल टूटा और प्यार आ गया।
वर्षों पुरानी कशिश शान्ति हो गई।
'उपदेश' इशारा पाकर आ गया।

उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद
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1 month ago

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