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जागे तो याद आया

                
                                                                                 
                            सोते रहे आराम से, जागे तो याद आया।
                                                                                                

भरोसा तोड़ने वाले का, वादा याद आया।
तसल्ली होती नही, आँखें बन्द हो जाएं।
गुजरेगी कैसे जिन्दगी, चेहरा याद आया।
इस तरह का व्यवहार, मुझे ही क्यों मिला।
निभाना नहीं आया, बदगुमानी याद आया।
फूल सी मुस्कुराहट, आँखों से जाती नहीं।
भूल कैसे जाये 'उपदेश', दिल छटपटाया।

उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद
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1 month ago

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