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रक्षाबंधन

                
                                                                                 
                            बडी बहिन की मैं जरूरत,
                                                                                                

और मेरी वह जरूरत।
एक दूसरे के पूरक,
आज भी पूरी होती जरूरत।
रक्षाबंधन जाने कब से मनाते,
आपस में 'उपदेश' मिठाई खिलाते।
भेद एक दूजे के गहराई से पता,
शायद इसीलिए है जरूरत।

उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद
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1 month ago

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